(लीड) तेलंगाना में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं, माओवादी मुख्यधारा में आएं : रेवंत रेड्डी

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(लीड) तेलंगाना में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं, माओवादी मुख्यधारा में आएं : रेवंत रेड्डी


हैदराबाद, 07 मार्च (हि.स.)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने शनिवार को कहा कि राज्य की धरती पर हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और समस्याओं का समाधान बातचीत तथा लोकतांत्रिक तरीके से ही संभव है। उन्होंने माओवादियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों और जनता की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाएं।

मुख्यमंत्री ने यह बातें हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित कमांड कंट्रोल सेंटर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं। इसी अवसर पर उनकी मौजूदगी में 130 माओवादियों ने राज्य सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि शांति बहाली के लिए पुलिस ने लगातार मेहनत की है, जिसका परिणाम है कि बड़ी संख्या में माओवादी आत्मसमर्पण कर रहे हैं और उनमें सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास अहिंसक संघर्ष का रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ने भी कहा था कि हिंसा और हथियारों के जरिए समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। आज परमाणु हथियार संपन्न देश भी अपने विवादों को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माओवादी नेता देवजी और उनके साथियों ने कुछ मांगें सरकार के सामने रखी थीं और कहा था कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएग, तो वे आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्तर पर जो संभव है, वह करने को तैयार है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक, खुफिया प्रमुख और एसआईबी प्रमुख के साथ दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात कर 31 मार्च तक माओवाद की समाप्ति के लक्ष्य से जुड़े अभियान की जानकारी दी थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने सुझाव दिया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को बेहतर जीवन का भरोसा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद 130 माओवादियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया है, जो एक बड़ी घटना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसी भी राज्य में इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों का एक साथ आत्मसमर्पण पहले नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री ने माओवादी संगठन के सुप्रीमो मुप्पल्ला लक्ष्मण राव से भी जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें सुरक्षा और पुनर्वास में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को बेहतर मुआवजा, स्वास्थ्य देखभाल और सरकारी आवास जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। राज्य सरकार उन्हें स्वास्थ्य बीमा कार्ड भी प्रदान करेगी और नकद इनाम पर भी जल्द फैसला लिया जाएगा। साथ ही संभावित मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने पर भी विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 721 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और लगभग 250 हथियार जमा किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां अब भी छिपे हुए माओवादियों पर नजर रखे हुए हैं, इसलिए सभी को मुख्यधारा में लौट आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले केंद्रीय और राज्य कमेटी के सदस्य सार्वजनिक जीवन में शामिल होकर समाज की सेवा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग मिलकर काम करें, तो तेलंगाना को विकास और प्रगति के रास्ते पर और आगे बढ़ाया जा सकता है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व महिला माओवादी और वर्तमान राज्य महिला एवं बाल विकास मंत्री सीतक्का का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यधारा में आने के बाद वे आज मंत्री पद पर हैं और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग राजनीति में आना चाहते हैं, वे कांग्रेस में शामिल होकर भी जनता की सेवा कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी नेता देवजी से जुड़ी पूरी कमेटी शामिल है। इस समूह में देवजी, बड़े चोक्का राव, नूने नरसिम्हा रेड्डी और मल्ला राजिरेड्डी जैसे प्रमुख नेता तथा उनके गनमैन भी शामिल हैं। इनके अलावा माओवादी संगठन के कंप्यूटर और सिग्नल ऑपरेटर भी सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट आए हैं। इस सामूहिक आत्मसमर्पण में एक दिलचस्प तथ्य यह भी सामने आया कि तेलुगु फिल्म अभिनेता ककराला सत्यनारायण की बेटी माधवी भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल थीं। वरिष्ठ माओवादी देवजी की पूरी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी से जुड़े सदस्य भी इस समूह में शामिल हैं।

आज माओवादी नेता संतोष ने भी अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने सुरक्षा बलों को 31 एके-47 राइफल सहित बड़ी संख्या में हथियार सौंपे। इसके अलावा आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र की प्रमुख महिला कमांडर चलसानी नवाथा भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल रही।

तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शिवधर रेड्डी ने इस अवसर पर बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण बड़ी संख्या में माओवादियों ने आत्मसमर्पण का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में 125 छत्तीसगढ़ से, चार तेलंगाना से और एक आंध्र प्रदेश से है। डीजीपी के अनुसार, शनिवार को आत्मसमर्पण करने वालों में स्टेट कमेटी के तीन सदस्य, डिविजनल कमेटी के 10 सदस्य और एरिया कमेटी के 40 सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों का एक साथ आत्मसमर्पण सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नागराज राव

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