देश में 6जी और एआई आधारित दूरसंचार को बढ़ावा देने को टीईसी का आईआईटी खड़गपुर से समझौता
नई दिल्ली, 25 फ़रवरी (हि.स.)। देश में 6जी तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दूरसंचार प्रणाली, रेडियो और एंटीना तकनीक, माइमो तकनीक, सैटेलाइट और गैर-स्थलीय नेटवर्क (एनटीएन) जैसे क्षेत्रों में भारत विशिष्ट मानक तैयार करने के लिए दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीईसी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, खड़गपुर के साथ समझौता किया है।
केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि नई दूरसंचार तकनीकों पर संयुक्त अध्ययन, शोध और मानकीकरण गतिविधियों में सहयोग करने के लिए सोमवार को ज्ञापन पर हुए हस्ताक्षर के दौरान टीईसी के डीडीजी (एफए) कमल कुमार अग्रवाल और आईआईटी-खड़गपुर के प्रो. देबदीप मुखोपाध्याय ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती, प्रो. गौतम दास, डॉ. देबरती सेन और टीईसी के डीडीजी (आरटीईसी) सौविक कुमार दास भी मौजूद रहे।
इस सहयोग से देश में 6जी नेटवर्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित दूरसंचार प्रणाली, रेडियो और एंटीना तकनीक, माइमो (एमआईएमओ) तकनीक, सैटेलाइट और गैर-स्थलीय नेटवर्क (एनटीएन) जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध किया जाएगा। साथ ही, भारत-विशिष्ट मानक तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) जैसे वैश्विक मंचों पर भारत की भागीदारी मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
मंत्रालय ने बताया कि इस साझेदारी से भारत में दूरसंचार क्षेत्र में स्वदेशी अनुसंधान, डिजाइन और निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह सहयोग देश में मानक तय करने, परीक्षण ढांचे विकसित करने और घरेलू समाधान तैयार करने में मदद करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

