”स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर” के लिए 11 हजार किमी समुद्री तट पर चलेगा बड़ा सफाई अभियान

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”स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर” के लिए 11 हजार किमी समुद्री तट पर चलेगा बड़ा सफाई अभियान


नई दिल्ली, 09 मई (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने शनिवार को “स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर” 2026 अभियान और आगामी इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

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बैठक में तय किया गया कि “स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर” 2026 अभियान 12 से 19 सितंबर तक पूरे देश में चलाया जाएगा और इसका समापन अंतरराष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस के मौके पर होगा। यह अभियान भारत के 11,098 किलोमीटर लंबे समुद्री तट को कवर करेगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों के साथ-साथ वैज्ञानिक संस्थान, जिला प्रशासन, भारतीय तटरक्षक बल, एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय समुदाय मिलकर भाग लेंगे। सरकार ने इसे एक “जन-आंदोलन” के रूप में आगे बढ़ाने की योजना बनाई है।

बैठक में बताया गया कि इस अभियान के जरिए समुद्री कचरे की सफाई, तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए वैज्ञानिक निगरानी के साथ-साथ जनभागीदारी भी बढ़ाई जाएगी।

पिछले वर्षों की प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि 2025 अभियान के दौरान 150 टन से अधिक समुद्री कचरे का दस्तावेजीकरण किया गया था। नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए “सागर ऐप” जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है, जिससे तटीय क्षेत्रों में कचरे की निगरानी और रिपोर्टिंग आसान हुई है।

केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ब्लू इकोनॉमी विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण अब राष्ट्रीय प्राथमिकता का हिस्सा हैं।

बैठक में एनसीसी, एनएसएस, शैक्षणिक संस्थानों और युवा संगठनों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि अभियान को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाया जा सके।

इसके साथ ही “इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल” की तैयारियों की भी समीक्षा की गई, जो इस वर्ष दिसंबर के तीसरे सप्ताह में पुणे में आयोजित होगा।

इस फेस्टिवल में वैज्ञानिक संस्थान, स्टार्टअप्स, शोधकर्ता, छात्र और नवाचार से जुड़े युवा शामिल होंगे। उद्देश्य विज्ञान और तकनीक को आम जनता से जोड़ना और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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