सरदार पटेल की विरासत व एकतानगर के विकास की कहानी बयां करेगी स्वदेश सिंह की पुस्तक ‘यूनिटी’

WhatsApp Channel Join Now
सरदार पटेल की विरासत व एकतानगर के विकास की कहानी बयां करेगी स्वदेश सिंह की पुस्तक ‘यूनिटी’


सरदार पटेल की विरासत व एकतानगर के विकास की कहानी बयां करेगी स्वदेश सिंह की पुस्तक ‘यूनिटी’


नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (हि.स.)। गुजरात के एकता नगर में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवल एक स्मारक नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता, आधुनिक इंजीनियरिंग और विकास की सोच का प्रतीक है। इसके नींव रखने से लेकर ऊंची प्रतिमा के बनने तक की ऐतिहासिक यात्रा और उससे जुड़े बदलावों को समेटते हुए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. स्वदेश सिंह की पुस्तक ‘यूनिटी’ में सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत से लेकर एकतानगर के विकास तक की कहानी प्रस्तुत की गई है।

पुस्तक में भारत के राजनीतिक एकीकरण में सरदार पटेल की निर्णायक भूमिका और राष्ट्रीय एकता के उनके विचारों को केंद्र में रखा गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के तहत स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण की पूरी प्रक्रिया का भी वर्णन किया गया है। इसमें प्रतिमा के निर्माण से जुड़ी वास्तुकला, इंजीनियरिंग, नियोजन, पर्यावरणीय पहलुओं और तकनीकी चुनौतियों को शामिल किया गया है।

पुस्तक के लेखक डॉ स्वदेश सिंह ने बताया कि इस किताब में प्रतिमा के निर्माण के सफ़र की कहानी तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि गुजरात के केवड़िया के एक छोटे से कस्बे से एकतानगर के रूप में विकसित होने की यात्रा को भी विस्तार से बताया गया है। इसमें संग्रहालयों, उद्यानों, रिवरफ्रंट, प्राकृतिक आकर्षणों, पर्यटन सुविधाओं और मनोरंजन केंद्रों के विकास का उल्लेख है। साथ ही साहसिक पर्यटन, तीर्थाटन, वेलनेस टूरिज्म और रोजगार के नए अवसरों के विस्तार को भी रेखांकित किया गया है।

उन्होंने बताया कि पुस्तक यूनिटी के माध्यम से यह बताया गया है कि किस प्रकार सरदार पटेल की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक भारत की विकास संबंधी आकांक्षाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को एक स्मारक के साथ-साथ पर्यटन, आधारभूत ढांचे, रोजगार और क्षेत्रीय विकास के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जल्दी ही यह पुस्तक बाजार में उपलब्ध होगी।

उल्लेखनीय है कि डॉ. स्वदेश सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के सहायक प्राध्यापक भी हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से एमए, एमफिल और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके अलावा भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। दो दशक से अधिक के अनुभव वाले डॉ. सिंह ने भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान सिविल-20 में शेरपा की जिम्मेदारी भी निभाई है। भारतीय राजनीति, सामाजिक न्याय, मीडिया अध्ययन और कौशल विकास उनके प्रमुख शोध क्षेत्र हैं।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

769943 Articles

Share this story