केंद्रीय इस्पात मंत्री ने किया दुर्गापुर स्टील प्लांट का दौरा
पश्चिम बर्दवान, 13 जुलाई (हि. स.)। केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और केंद्रीय राज्य मंत्री भूपति राजू ने सोमवार को दुर्गापुर स्टील प्लांट (डीएसपी) का दौरा कर संयंत्र की उत्पादन क्षमता, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की विकास योजनाओं की समीक्षा की। दोनों मंत्रियों ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर संयंत्र के विस्तार और आधुनिकीकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। अपने दौरे के बाद दोनों मंत्री स्टील स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
मंगलवार को केंद्रीय इस्पात मंत्री पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अधिकारियों के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है।
दौरे के दौरान दुर्गापुर ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दोनों मंत्रियों का स्वागत किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष तमल भट्टाचार्य ने कहा कि दुर्गापुर स्टील प्लांट आकार में भले ही छोटा हो, लेकिन इसे भविष्य में एक बड़े और आधुनिक संयंत्र के रूप में विकसित करने की पूरी क्षमता है। उन्होंने संयंत्र में नए निवेश की मांग रखते हुए कहा कि मंत्रालय के सहयोग और मार्गदर्शन से डीएसपी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
तमल भट्टाचार्य ने बताया कि केंद्रीय इस्पात मंत्री ने एसोसिएशन की मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना, जिसके लिए उन्होंने मंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के महासचिव एस. पी. बेहरा और उप महासचिव निलेश लांजेवाल भी उपस्थित थे।
दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद डोला सेन, सेल के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार पांडा, डीआईसी सुरजीत मिश्रा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
दूसरी ओर, श्रमिक संगठनों ने केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात का अवसर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। बताया गया कि आधिकारिक कार्यक्रम में यूनियन प्रतिनिधियों से मुलाकात शामिल नहीं थी। इसके बाद भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के पदाधिकारियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से दुर्गापुर के एक होटल में दोनों मंत्रियों से मुलाकात कर कर्मचारियों की समस्याओं और डीएसपी के आधुनिकीकरण से संबंधित मांगपत्र सौंपा।
इंटक, सीटू, एटक और एचएमएस सहित अन्य श्रमिक संगठनों ने भी इस पर असंतोष व्यक्त किया। इंटक के महासचिव रजत दीक्षित ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर यूनियन प्रतिनिधियों को मंत्रियों से मिलने का अवसर नहीं दिया जाना भेदभावपूर्ण है।
उनका कहना था कि इस्को स्टील प्लांट (आईएसपी) में मंत्रियों ने यूनियन प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी, जबकि दुर्गापुर स्टील प्लांट में ऐसा अवसर नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सीधे मंत्री के समक्ष रखने का मौका नहीं मिल सका।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

