युवाओं पर कार्रवाई का हवाला देकर सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का किया ऐलान
नई दिल्ली, 20 जुलाई (हि.स.)। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ हुई कथित बर्बरता को देखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त नहीं करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार और पुलिस से छात्रों को संसद के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की अनुमति देने की अपील की है।
सोनम वांगचुक ने सोमवार को सफदरजंग अस्पताल से जारी हस्तलिखित संदेश में कहा कि उनका अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या उन्हें स्वयं अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जाती। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इससे पहले सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी।
वांगचुक ने कहा कि उकसावे के बावजूद युवाओं ने जिस संयम और शांति का परिचय दिया है, उससे वे भावुक और प्रभावित हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा प्रदर्शनकारी आगे भी धैर्य और सहनशीलता बनाए रखेंगे।
उल्लेखनीय है कि वांगचुक शिक्षा व्यवस्था में सुधार एवं अन्य मांगों को लेकर पिछले 23 दिनों से अनशन पर हैं।
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि हमारी मांगों पर सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। हम अभी भी इंतजार कर रहे हैं। इस बीच, जंतर-मंतर (केरल हाउस के बाहर) पर विरोध प्रदर्शन जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

