दिव्यांग, अनाथ और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के सम्मान में 'यशोत्सव 2026' का आयोजन, होनहार विद्यार्थी किए गए सम्मानित

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दिव्यांग, अनाथ और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के सम्मान में 'यशोत्सव 2026' का आयोजन, होनहार विद्यार्थी किए गए सम्मानित


नई दिल्ली, 21 जून (हि.स.)। दीपस्तंभ फाउंडेशन मनोबल की ओर से आयोजित 'यशोत्सव 2026' समारोह में दिव्यांग, अनाथ, ट्रांसजेंडर एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले होनहार विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन मेधावी युवाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), एसएससी, राज्य सिविल सेवा, बैंकिंग, खेल और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए नहीं, बल्कि समाज के व्यापक कल्याण के लिए करें।

दीपस्तंभ फाउंडेशन मनोबल द्वारा यहां एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘यशोत्सव 2026’ का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े, पूर्व राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे, शिक्षा मंत्रालय की उप सचिव ईरा सिंघल, आईएएस अधिकारी अय्याज तंबोली तथा संस्था के संस्थापक यजुर्वेंद्र महाजन की गरिमामयी उपस्थिति रही। समारोह के दौरान अतिथियों ने विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाले मेधावी युवाओं को मंच पर पदक और उपाधियां प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सफलता से बड़ा संकल्प होता है। उन्होंने दीपस्तंभ फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए एक समावेशी एवं सुलभ समाज के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

राज्यसभा सांसद विनोद तावड़े ने कहा कि दिव्यांग विद्यार्थियों के सामने प्रतिभा की नहीं, बल्कि केवल अवसरों की चुनौती थी, जिसे दीपस्तंभ फाउंडेशन सफलतापूर्वक दूर करने का कार्य कर रहा है। उन्होंने अष्टावक्र और सूरदास के ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए समाज में दिव्यांगता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

दीपस्तंभ फाउंडेशन मनोबल के संस्थापक यजुर्वेंद्र महाजन ने कहा कि भारत की दो प्रतिशत दिव्यांग युवा शक्ति को आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसरों की आवश्यकता है और सही अवसर मिलने पर ये बच्चे बड़ी सफलताएं प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को दया नहीं, बल्कि समाज से दोस्ती और सहयोग का हाथ चाहिए तथा सबसे ज्यादा जरूरतमंदों के लिए काम करना ही उनकी संस्था का मुख्य संकल्प है।

विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर मनोज पाटिल (आईपीएस), बापूसाहेब गायकवाड़ (आईपीएस), सूरज तिवारी (आईएएस), रेणुका केकन (आईआरएस), अक्षय पवार (आईएफएस), शुभम पाटिल (आईएफएस) और विशाल कुमार आनंद (एसएससी) सहित विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही ‘कृतज्ञता सम्मान’ के अंतर्गत भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के पूर्व उप मुख्य आयुक्त प्रवीण अंबस्था, सक्षम ट्रस्ट के सह-संस्थापक दीपेंद्र मनोचा और गेल (इंडिया) लिमिटेड जैसी सहयोगी संस्थाओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में दानिश महाजन ने सभी आगंतुकों का आभार प्रदर्शन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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