सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने लगाए 76 शिविर, 58 दिव्यांगजन और बुजुर्गों को दिए गए सहायक उपकरण
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने अल्मिको के सहयोग से गुरुवार को 21 राज्यों के 76 स्थानों पर एक साथ शिविर आयोजित किए।
इन शिविरों में 58 हजार से ज्यादा दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को करीब 68 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण मुफ्त दिए गए। ये उपकरण लोगों की जरूरत के हिसाब से बांटे गए। इनसे उन्हें चलने-फिरने, रोजमर्रा के काम करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
लालकिला स्थित लव कुश रामलीला मैदान में गुरुवार को शिविर का उद्घाटन करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सहायक उपकरण सिर्फ मदद करने वाली चीजें नहीं हैं, बल्कि इनसे दिव्यांगजन और बुजुर्गों को आत्मविश्वास, सम्मान और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में मदद मिलती है।
सरकार की कोशिश है कि जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं और सहायता का लाभ सीधे पहुंचे।
मंत्री ने बताया कि देशभर में 109 प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को जरूरी सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। देश में 28 सिंगल विंडो क्रॉस-डिसएबिलिटी अर्ली इंटरवेंशन सेंटर शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए दिव्यांग बच्चों और उनके परिवारों को जरूरी सहायता और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ग्वालियर में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेल केंद्र भी बनाया गया है।
दिल्ली में 463 लोगों को मिले 2,450 उपकरण
नई दिल्ली में आयोजित शिविर में 463 लोगों को 2,450 सहायक उपकरण दिए गए। इनमें 446 बुजुर्ग और 17 दिव्यांगजन शामिल थे। इन उपकरणों की कुल कीमत करीब 34.96 लाख रुपये थी।
लाभार्थियों को उनकी जरूरत के अनुसार मोटर वाली ट्राइसाइकिल, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, छड़ी, वॉकर, सुनने की मशीन, कमोड व्हीलचेयर, कमोड चेयर, घुटने के ब्रेस और अन्य उपकरण दिए गए।
इन शिविरों से पहले लाभार्थियों की जरूरत की जांच की गई थी। इसके बाद उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण दिए गए।
मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, सामाजिक संगठनों, और अन्य संस्थाओं को भी मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और परिवहन व्यवस्था को दिव्यांगजनों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाने पर भी जोर दिया।
अल्मिको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार ने कहा कि संस्था अच्छी गुणवत्ता वाले सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और डिजिटल तकनीक के जरिए सेवाओं को आसान बनाने पर काम कर रही है। जरूरतमंद दिव्यांगजनों और बुजुर्गों तक सही उपकरण समय पर पहुंचाना अल्मिको की प्राथमिकता है।
इन सामाजिक अधिकारिता शिविरों का उद्देश्य दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मान के साथ और अधिक आत्मनिर्भर जीवन जीने में मदद करना है।
कार्यक्रम में चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना, मंत्रालय की अपर सचिव मनमीत नंदा और अल्मिको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

