केंद्र सरकार ने शुरू किया ‘कौशल परिणाम निधि’ अभियान, युवाओं को मिलेंगे रोजगार
नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र सरकार ने देश के युवाओं को रोजगार देने के लिए ‘कौशल परिणाम निधि’ अभियान की शुरुआत की है। इस निधि से देश के निम्न आय वर्ग के युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार दिया जाएगा।
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने यहां बुधवार को अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत की कौशल विकास यात्रा अब परिणामों पर केंद्रित नए चरण में प्रवेश कर रही है। यह फंड युवाओं को वास्तविक अवसर, स्थायी रोजगार और काम की गरिमा दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सरकार, उद्योग और परोपकारी साझेदारों को एक साथ लाकर बड़े पैमाने पर असर पैदा किया जा सकता है। ‘कौशल परिणाम निधि’ राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के तहत लागू की जाएगी और इसमें परोपकारी व गैर-लाभकारी संगठनों का सहयोग लिया जाएगा।
कौशल विकास मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार मनीषा सेंसरमा ने कहा कि भारत का कौशल विकास इकोसिस्टम परिपक्व हो रहा है और नीति विमर्श इनपुट से परिणाम की ओर बढ़ रहा है। परिणाम आधारित वित्तीय मॉडल जवाबदेही को मजबूत करेगा और निवेश को सीधे रोजगार परिणामों से जोड़ेगा।
एनएसडीसी के सीईओ अरुण कुमार पिल्लई ने कहा कि कौशल प्रभाव बांड के अनुभव से साबित हुआ है कि जब प्रशिक्षण प्रदाताओं, नियोक्ताओं, निवेशकों और सरकार के प्रोत्साहन रोजगार परिणामों पर केंद्रित होते हैं तो पूरा स्किलिंग इकोसिस्टम अधिक प्रभावी हो जाता है। कौशल परिणाम निधि इसी मॉडल को बड़े पैमाने पर लागू करने की अगली कड़ी है।
उल्लेखनीय है कि कौशल परिणाम निधि भारत के पहले परिणाम आधारित कार्यक्रम ‘स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड’ की सफलता पर आधारित है। साल 2021 में शुरू हुए इस बॉन्ड के तहत 21 राज्यों में 34,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 74 प्रतिशत महिलाएं हैं। स्वतंत्र सत्यापन के अनुसार 92 प्रतिशत प्रशिक्षार्थियों को प्रमाणित किया गया, 76 प्रतिशत को नौकरी मिली और 62 प्रतिशत नौकरी में बने रहे। नए फंड का मॉडल ब्लेंडेड फाइनेंस पर आधारित होगा जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों का निवेश होगा। यह मांग आधारित कौशल विकास मॉडल आईटी-आईटीईएस, बीएफएसआई, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन जॉब्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

