ऑस्ट्रेलिया में ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत ने जीते तीन स्वर्ण समेत पांच पदक, वर्ल्डस्किल्स शंघाई की तैयारियों को मिली मजबूती

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ऑस्ट्रेलिया में ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत ने जीते तीन स्वर्ण समेत पांच पदक, वर्ल्डस्किल्स शंघाई की तैयारियों को मिली मजबूती


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित ग्लोबल स्किल्स चैलेंज में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। 23 से 29 जून तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत सहित 16 देशों के लगभग 600 प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह उपलब्धि इस वर्ष शंघाई में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता से पहले भारत की तैयारियों को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, कर्नाटक के पवन भद्रावती सुरेशा ने एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग में स्वर्ण पदक हासिल किया। बिहार के मौसम कुमार गिरी ने क्लाउड कंप्यूटिंग में स्वर्ण पदक जीता जबकि दिल्ली की विष्णुप्रिया सुनील ने हेल्थ एंड सोशल केयर श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

महाराष्ट्र के हर्ष रमेश पवार ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट में रजत पदक हासिल किया। हरियाणा की मुस्कान ने पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग श्रेणी में कांस्य पदक जीता।

केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए कहा कि तीन स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक की उपलब्धि देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और उद्योग भागीदारों के सामूहिक प्रयासों ने यह सफलता दिलाई है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता ने भारतीय प्रतिभागियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप अनुभव प्रदान किया है और शंघाई में होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता की तैयारियों को और मजबूत बनाया है।

भारत के 30 सदस्यीय दल में 15 प्रतियोगी और 15 विशेषज्ञ शामिल थे। भारतीय टीम ने एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, निर्माण कार्य, रचनात्मक उद्योग और सेवा क्षेत्र से जुड़ी 15 विभिन्न कौशल श्रेणियों में भाग लिया।

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कॉम्पिटिशन इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) के माध्यम से किया गया। इससे भारतीय प्रतिभागियों को वास्तविक प्रतियोगी माहौल, अत्याधुनिक उपकरणों और वैश्विक गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य करने का अनुभव मिला।

भारत ने 3डी डिजिटल गेम आर्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिजाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ एंड सोशल केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग एंड डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल एंड फ्लोर टाइलिंग तथा वेब टेक्नोलॉजी जैसी श्रेणियों में हिस्सा लिया।

मंत्रालय ने कहा कि ऐसी प्रतियोगितियों में सफलता युवाओं के बीच कौशल आधारित करियर को आकर्षक बनाती है और यह संदेश देती है कि तकनीक, डिजाइन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल कर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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