सिंगापुर के 'आईटीबी एशिया 2026' में मध्य प्रदेश पर्यटन का प्रदर्शन, विरासत, वन्यजीव और अनूठे स्वाद से विदेशी पर्यटकों को लुभा रहा राज्य

WhatsApp Channel Join Now
सिंगापुर के 'आईटीबी एशिया 2026' में मध्य प्रदेश पर्यटन का प्रदर्शन, विरासत, वन्यजीव और अनूठे स्वाद से विदेशी पर्यटकों को लुभा रहा राज्य




- भारतीय उच्चायुक्त डॉ. शिल्पका अंबुले ने किया पवेलियन का उद्घाटन

भोपाल/सिंगापुर, , 21 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश अपनी ऐतिहासिक विरासत, वन्यजीव संपदा, आध्यात्मिक स्थलों और विशिष्ट खानपान के सहारे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। सिंगापुर में आयोजित आईटीबी एशिया 2026 में प्रदेश का पवेलियन विदेशी प्रतिनिधियों, ट्रैवल कंपनियों और पर्यटन कारोबारियों के आकर्षण का केंद्र बना है।

दरअसल, वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीक से पर्यटन स्थलों का आभासी अनुभव, जीआई टैग वाले क्षेत्रीय व्यंजनों की प्रस्तुति और कारोबारियों के साथ सीधी बैठकें इस पहल के प्रमुख आकर्षण हैं। लक्ष्य मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय यात्रा पैकेजों में जगह दिलाने, नए व्यावसायिक संबंध विकसित करने और पर्यटन निवेश की संभावनाओं को विस्तार देने का है।

सिंगापुर के मरीना बे सैंड्स स्थित सैंड्स एक्सपो एंड कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार को भारतीय उच्चायुक्त डॉ. शिल्पका अंबुले ने मध्य प्रदेश पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन सचिव एवं मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. सहित विभागीय अधिकारी और वैश्विक पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे। तीन दिवसीय आयोजन 23 अक्टूबर तक चलेगा।

विरासत से वन्यजीवों तक प्रदेश की पहचान

मध्य प्रदेश के पवेलियन में ऐतिहासिक स्मारकों, सांस्कृतिक विविधता, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीवों, आध्यात्मिक पर्यटन, वेलनेस और सतत पर्यटन को प्रमुखता दी गई है। वीआर तकनीक के माध्यम से विदेशी आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों का आभासी अनुभव ले रहे हैं। यह प्रस्तुति संभावित यात्रियों को गंतव्यों की विशेषताओं से परिचित कराने और यात्रा की योजना बनाने के लिए प्रेरित करने का माध्यम बन रही है।

प्रदेश की पहचान से जुड़े स्थानीय स्वाद भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा हैं। मुरैना की गजक और रतलामी सेव जैसे जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के माध्यम से मध्य प्रदेश की खाद्य परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। इससे पर्यटन के साथ स्थानीय उत्पादों की पहचान बढ़ाने और क्षेत्रीय कारोबार के लिए नए अवसर विकसित करने की संभावनाएं भी जुड़ी हैं।

बीटूबी बैठकों से कारोबार बढ़ाने की तैयारी

आईटीबी एशिया में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की टीम सिंगापुर और दक्षिण-पूर्व एशिया के टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों तथा निवेशकों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस (बीटूबी) बैठकें कर रही है। इनका प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को विदेशी यात्रा कार्यक्रमों और टूर पैकेजों में शामिल कराना है। आतिथ्य सेवाओं, पर्यटन निवेश और कारोबारी सहयोग के नए अवसर तलाशने पर भी जोर दिया जा रहा है।

दक्षिण-पूर्व एशिया के पर्यटन कारोबारियों के साथ साझेदारी से मध्य प्रदेश को विदेशी यात्रियों तक पहुंचने का नया माध्यम मिल सकता है। इन बैठकों से पर्यटकों की पसंद, अनुभव आधारित पर्यटन की मांग और संभावित निवेश क्षेत्रों को समझने में भी मदद मिलेगी। इसके आधार पर भविष्य की विपणन रणनीति और यात्रा पैकेजों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

ट्रैवल मार्ट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक

प्रदेश की यह पहल भोपाल में आयोजित मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2025 के माध्यम से शुरू किए गए व्यापक पर्यटन कारोबारी प्रयासों की अगली कड़ी है। ट्रैवल मार्ट में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, पर्यटन कारोबारियों तथा निवेशकों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया था। विरासत पर्यटन, वन्यजीव, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, साहसिक गतिविधियों, फिल्म पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को प्रमुखता दी गई थी। डिजिटल प्रचार, पर्यटन प्रभावशाली व्यक्तियों की भागीदारी और दूसरे राज्यों के साथ पर्यटन सर्किट विकसित करने जैसे प्रयास भी इसी रणनीति का हिस्सा रहे हैं।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा में तकनीक की भूमिका

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में अब प्रचार का जोर स्थलों की जानकारी देने के साथ यात्रियों को उनके अनुभव से जोड़ने पर भी है। आईटीबी एशिया 2026 में अनुभव आधारित पर्यटन, वेलनेस, लग्जरी और सतत पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन का कारोबारी प्रारूप अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच संपर्क तथा पूर्व निर्धारित बैठकों को महत्व देता है।

ऑस्ट्रेलिया ने पर्यटन प्रचार में 360 डिग्री वीडियो और वर्चुअल रियलिटी के जरिए अपने समुद्र तटों तथा प्राकृतिक आकर्षणों के आभासी अनुभव उपलब्ध कराए। ओईसीडी के एक अध्ययन में इस अभियान के शुरुआती महीनों में एक करोड़ से अधिक वीडियो दृश्य और Australia.com वेबसाइट पर सहभागिता में 64 प्रतिशत वृद्धि दर्ज होने का उल्लेख है। कतर ने भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन आयोजनों में अपनी संस्कृति और प्राकृतिक दृश्यों को डिजिटल प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया है। मध्य प्रदेश का वीआर प्रदर्शन, स्थानीय व्यंजनों की प्रस्तुति और कारोबारी बैठकों पर जोर इसी वैश्विक बदलाव के अनुरूप है।

अब सिंगापुर में प्रदेश की भागीदारी का वास्तविक परिणाम इस बात से तय होगा कि कितने विदेशी टूर ऑपरेटर मध्य प्रदेश को अपने पैकेजों में शामिल करते हैं, कितनी कारोबारी साझेदारियां आगे बढ़ती हैं और विदेशी पर्यटकों की संख्या में कितनी वृद्धि होती है। इसके लिए बेहतर हवाई संपर्क, बहुभाषी पर्यटक सहायता, गुणवत्तापूर्ण आवास, सुरक्षित परिवहन और पर्यटन स्थलों के बीच सुगम यात्रा व्यवस्था भी जरूरी होगी। मध्य प्रदेश के पास इतिहास, प्रकृति, आध्यात्मिकता, वन्यजीव और स्थानीय खानपान का विविध संयोजन है। सिंगापुर का मंच इस विरासत को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर दे रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

764623 Articles

Share this story