सिक्किम भी देश का पूर्ण साक्षर राज्य बना, राष्ट्रपति ने दी बधाई
गंगटोक, 27 मई (हि.स.)। सिक्किम भी देश का पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बुधवार को राजधानी गंगटोक में आयोजित सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के सातवें दीक्षांत समारोह में इस उपलब्धि की घोषणा की। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि थीं।
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने उल्लास-नए भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षरता का दर्जा प्राप्त करने के लिए सिक्किम की जनता और सरकार को बधाई दी, जो 2027 के लिए निर्धारित राष्ट्रीय लक्ष्य से काफी पहले है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिक्किम की सरकार और लोगों के सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है। उन्होंने शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी पर खुशी व्यक्त करते हुए साक्षरता को सशक्तिकरण और सामाजिक प्रगति का एक प्रमुख साधन बताया।
मुख्यमंत्री तमांग ने सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सिक्किम यात्रा के दौरान उल्लास-नए भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत सिक्किम को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने पर सिक्किम के लोगों को हार्दिक बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह उपलब्धि हमारे राज्य की शैक्षिक और सामाजिक प्रगति में एक निर्णायक मील का पत्थर है। यह हमारी इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि ज्ञान, गरिमा, सशक्तिकरण और समावेशी विकास की इस यात्रा में कोई भी वयस्क नागरिक पीछे न रह जाए। दूरदराज के गाँवों से लेकर हर ब्लॉक और ग्राम पंचायत तक यह अभियान समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ सिक्किम के हर नुक्कड़ और कोने तक पहुँच गया है।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस चीज ने इस उपलब्धि को वास्तव में प्रेरणादायक बनाया, वह था शिक्षार्थियों का साहस, दृढ़ संकल्प और उत्साह, जिनमें से कई ने अपने जीवन में पहली बार पढ़ना और लिखना सीखा था। उनका दृढ़ संकल्प साक्षर सिक्किम की सच्ची भावना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग, सभी स्वयंसेवी शिक्षकों, अधिकारियों और इस अभियान से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के प्रति हार्दिक आभार और सराहना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि समाज के उत्थान के लिए सभी की निस्वार्थ सेवा, करुणा, धैर्य और अटूट प्रतिबद्धता ने इस परिवर्तनकारी पहल को एक बड़ी सफलता दिलाई है।
उन्होंने कहा है कि साक्षरता केवल पढ़ने और लिखने की क्षमता नहीं है, यह सशक्तिकरण, आत्मविश्वास, सामाजिक समानता और प्रगति की नींव है। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाते हुए एक मजबूत, प्रबुद्ध, आत्मनिर्भर और समृद्ध सिक्किम के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कामना की कि यह उपलब्धि सभी को आने वाली पीढ़ियों के लिए उत्कृष्टता, समावेशिता और मानव विकास की दिशा में प्रयास जारी रखने के लिए प्रेरित करें।
हिन्दुस्थान समाचार / Bishal Gurung

