पशुधन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधारः शिवराज चौहान
नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि पशुधन हमारे जीवन और गांव की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। भारत के मवेशी नस्लें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान और एनडीआरआई के वैज्ञानिकों ने साल 2019 से नस्ल संरक्षण अभियान को नए आयाम दिए हैं।
शिवराज चौहान बुधवार को पूसा में आयोजित दो कार्यक्रमों में भाग लेते हुए पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित किए और नस्ल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, संस्थानों और पशुपालकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर शिवराज चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई ) में नए छात्रावास और शैक्षणिक भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस छात्रावास के निर्माण से 300 छात्राओं को आधुनिक और सुरक्षित सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि खेती नवाचार और अवसर का क्षेत्र है। उन्होंने सुझाव दिया कि एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की ग्रेडिंग प्रणाली लागू हो, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिले और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बने। कृषि मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में बेटियां अब कृषि शिक्षा में आगे बढ़ रही हैं और नई पीढ़ी के नवाचार से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है।
चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति, विज्ञान और आधुनिकता का संगम ही कृषि और पशुधन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा। उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों और युवाओं से मिलकर धरती, कृषि और पशुधन की रक्षा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में आईसीएआरके महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट और आईएआरआई के निदेशक डॉ. सी श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

