राज्यों के साथ केन्द्रीय कृषि मंत्री की समीक्षा बैठक, उर्वरक की उपलब्धता पर रहा जोर

WhatsApp Channel Join Now
राज्यों के साथ केन्द्रीय कृषि मंत्री की समीक्षा बैठक, उर्वरक की उपलब्धता पर रहा जोर


नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर किसान आईडी, उर्वरक की उपलब्धता एवं विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

बैठक में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि किसान आईडी किसानों को उनकी भूमि, फसल, पशुधन एवं मत्स्य पालन से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। अब तक 19 राज्यों में कुल 9.25 करोड़ किसान आईडी बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य सरकारों के कृषि एवं राजस्व विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अगले 6 महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की कोशिश करें। साथ ही व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान रजिस्ट्री केवल पीएम-किसान लाभार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि सभी पात्र किसानों को शामिल किया जाए।

मीडिया से बातचीत करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों को खाद की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्यों को जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित न्यायपूर्ण वितरण प्रणाली सुनिश्चित की जाए ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध हो सके, साथ ही असंतुलित उपयोग को रोकने एवं जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया जाए।

सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि उर्वरक के अवैध आवागमन को रोकना आवश्यक है। हरियाणा के “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पहल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया।

पीएम-आशा योजना के अंतर्गत दलहन एवं तिलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की समीक्षा भी की गई।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सरकार दलहन एवं तिलहन की खरीद एमएसपी पर करती है तथा राज्य इसके दिशा-निर्देशों के अनुसार भाग लेते हैं।

हाल ही में विभिन्न राज्यों को निम्नलिखित फसलों की खरीद हेतु स्वीकृति प्रदान की गई हैं:

आंध्र प्रदेश (चना, मूंग, उड़द, अरहर, मूंगफली); असम (सरसों); बिहार (मसूर); छत्तीसगढ़ (चना, मसूर, सरसों); गुजरात (चना, सरसों); हरियाणा (चना, सरसों); कर्नाटक (चना, कुसुम); महाराष्ट्र (चना); मध्य प्रदेश (चना); राजस्थान (चना, सरसों); तेलंगाना (चना, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी); उत्तर प्रदेश (चना, मसूर, सरसों)।

केन्द्रीय मंत्री ने निर्देश दिया कि केवल फेयर एवरेज क्वालटी की उपज की खरीद सुनिश्चित की जाए। किसानों का पंजीकरण आधार आधारित पोर्टलों पर किया जाए तथा खरीद केंद्रों पर बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया जाए। भुगतान आधार-सक्षम डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में किया जाए। विकसित कृषि संकल्प अभियान के बारे में मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष यह अभियान अत्यंत सफल रहा जिसमें 728 जिलों के 60,000 से अधिक गांवों में वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के बारे में जाना। उन्होंने कहा कि पूर्व की सफलता को देखते हुए राज्यों से इस साल भी मई माह में 15–20 दिनों का यह अभियान चलाने का आग्रह किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

Share this story