शिवराज-सरमा मुलाकात में कृषि, ग्रामीण विकास की योजनाओं पर चर्चा

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शिवराज-सरमा मुलाकात में कृषि, ग्रामीण विकास की योजनाओं पर चर्चा


नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इस बैठक में असम में कृषि और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा कई महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में शिवराज सिंह ने राज्य को कृषि अवसंरचना कोष, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मनरेगा तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के एजेंडे पर सचिव रोहित कंसल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मनरेगा प्रणाली की तकनीकी बाधाओं को पूरी तरह दूर कर दिया गया है। मनरेगा के तहत असम सरकार की मांग के अनुरूप राशि आवंटित की जा चुकी है। आगामी एक जुलाई से देशभर में मनरेगा की जगह विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया जाएगा।

बैठक में असम सरकार द्वारा चाय बागान (टी-गार्डन) श्रमिकों को भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) प्रदान किए जाने के ऐतिहासिक कदम की सराहना की गई।

केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इन श्रमिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ देने के लिए सरकार एक विशेष सर्वे विंडो खोलेगी, ताकि पात्र लाभार्थियों के नाम डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए जा सकें।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने असम की विशिष्ट जलवायु और मिट्टी की विशेषताओं के आधार पर तैयार कृषि कार्ययोजना का प्रारूप मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा को सौंपा। बैठक में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति बनी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में असम ने लक्ष्य से अधिक 9 लाख से ज्यादा ‘लखपति दीदी’ तैयार कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इन महिलाओं के उद्यमों को और सशक्त बनाने के लिए असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के इनक्यूबेटर्स के साथ मिलकर कार्य को गति दी जाएगी।

कृषि मंत्रालय के सचिव आतिश चंद्र ने मुख्यमंत्री को महिला किसानों को कृषि पावर वीडर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

राज्य में सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 1,500 नए बांस पॉलीहाउस स्वीकृत किए गए हैं। कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पेस्टिसाइड टेस्टिंग लैब और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला के भवनों को मंजूरी दी गई है। असम के जैविक उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अपेडा तथा नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है, जिससे किसानों को व्यापक हैंडहोल्डिंग सहायता प्राप्त होगी।

असम की समृद्ध जैव-विविधता को बढ़ावा देने पर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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