शिवराज चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी पर लिखी किताब, कहा- ये युवाओं को विकसित भारत बनाने की प्रेरणा देगी
- 26 मई को दिल्ली में होगा 'अपनापन' का विमोचन, साझा किए 33 वर्षों के अनुभव
भोपाल, 14 मई (हि.स.)। केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अब एक लेखक के रूप में सामने आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व, जीवन दर्शन और उनकी कार्यशैली पर आधारित एक पुस्तक लिखी है, जिसका शीर्षक ‘अपनापन’ रखा गया है। इस पुस्तक का विमोचन 26 मई को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में किया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार काे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस संबंध में पोस्ट साझा करते हुए बताया कि यह पुस्तक उनके लिए केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए गए पिछले 33 वर्षों के अनुभवों का निचोड़ है। उन्होंने लिखा कि तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनेक भूमिकाओं और विभिन्न दायित्वों में कार्य करते हुए मुझे उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व, सेवा, संगठन, सुशासन और राष्ट्र-समर्पण को अनेक दृष्टिकोणों से देखने-समझने का अवसर मिला। इन्हीं अनुभवों, भावनाओं, प्रेरणाओं और जीवन-मूल्यों को मैंने अपनी पुस्तक ‘अपनापन’ में संजोने का विनम्र प्रयास किया है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ने आगे लिखा कि मुझे यह साझा करते हुए प्रसन्नता है कि मेरी इस कृति ‘अपनापन’ का लोकार्पण 26 मई को प्रातः 10:30 बजे, एनएएससी कॉम्प्लेक्स पूसा, नई दिल्ली में होगा। मेरा विश्वास है कि यह पुस्तक सभी पाठकों को, विशेषकर हमारे युवा मित्रों को, सेवा, संवेदना, राष्ट्रभक्ति और जनकल्याण के विचारों के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा देगी।
शिवराज सिंह चौहान ने एक वीडियो भी साझा किया। इसमें उन्होंने कहा कि दुनिया प्रधानमंत्री मोदी को एक वैश्विक नेता के रूप में देखती है, लेकिन उन्होंने उन्हें एक साधक और कर्मयोगी के रूप में बहुत करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि वे देर रात तक फाइलों पर काम करने के बाद भी अगली सुबह उसी ऊर्जा और संकल्प के साथ देश सेवा में जुट जाते हैं। उन्होंने पुस्तक में उल्लेख किया है कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी का हृदय सदैव किसानों, माताओं, बहनों और साधारण कार्यकर्ताओं के लिए धड़कता है। उन्होंने 1991 की ऐतिहासिक 'एकता यात्रा' के दौर को याद करते हुए बताया कि कैसे मोदी ने एक राजनीतिक यात्रा को राष्ट्रीय चेतना के महा-अभियान में बदल दिया था।
चौहान ने कहा कि यह पुस्तक उन लोगों के लिए एक मार्गदर्शिका साबित होगी जो सामाजिक या राजनीतिक क्षेत्र में बदलाव लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल भाषणों से नहीं, बल्कि अनुशासन, तपस्या और समर्पण से आता है। पुस्तक का मूल संदेश यह है कि देश बदलने के लिए किसी बड़े पद की नहीं, बल्कि एक 'बड़े संकल्प' की आवश्यकता होती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

