मोदी मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बने शिवराज सिंह चौहान, ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

मोदी मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बने शिवराज सिंह चौहान, ली पद एवं गोपनीयता की शपथ
मोदी मंत्रिमंडल में पहली बार मंत्री बने शिवराज सिंह चौहान, ली पद एवं गोपनीयता की शपथ


भोपाल/दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। एनडीए संसदीय दल के नेता नरेन्द्र मोदी ने रविवार देर शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भी शपथ ली है। इनमें मध्य प्रदेश से पूर्व मुख्यमंत्री और विदिशा से नवनिर्वाचित सांसद शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हैं। उन्होंने केन्द्र में कैबिनेट मंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।

विदिशा सीट से सांसद चुने गए शिवराज सिंह चौहान पहली बार केंद्रीय मंत्री बने हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में वे विदिशा से छठी बार सांसद चुने गए हैं। शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में भाजपा के सबसे कद्दावर नेता हैं। वह मध्य प्रदेश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभाला है। वह चार बार मप्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। उनका कार्यकाल करीब 16.5 वर्ष का रहा।

पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में जब भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 163 सीटें जीतीं, तब अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह पांचवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने जब डॉ मोहन यादव के नाम पर मुहर लगाई, तो शिवराज ने शालीनतापूर्वक इस फैसले को शिरोधार्य किया।

शिवराज सिंह चौहान ने राजनीति में कदम रखने से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कार्यकर्ता के रूप में कार्य किया था। वह छह बार उस सीट से सांसद हैं, जहां से कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सांसद थे। प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालने से पहले शिवराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मध्य प्रदेश में उन्हें 'मामा' नाम से भी पुकारा जाता है।

शिवराज का राजनीतिक सफर

1972: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ली।

1975: मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्रसंघ के अध्यक्ष बने।

1975: इमरजेंसी के दौरान कई आंदोलनों का हिस्सा रहे।

1978: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के संगठन सचिव बने।

1982: एबीवीपी में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने।

1984: भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के ज्वाइंट सेक्रेटरी बने।

1985: भाजयुमो के महासचिव बने।

1988: भाजयुमो के अध्यक्ष बने।

1990: बुधनी निर्वाचन क्षेत्र से मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए।

1991: एबीवीपी के संयोजक बने।

1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2024 : संसद सदस्य (सांसद) के रूप में चुने गए।

1992: मध्य प्रदेश में भाजपा के महासचिव बने

1993: श्रम और कल्याण पर सलाहकार समिति के सदस्य बने

1994: हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य बने

1996, 1997: शहरी एवं ग्रामीण विकास समिति के सदस्य बने

1997: मध्य प्रदेश में भाजपा के महासचिव बने

1998: शहरी और ग्रामीण विकास समिति और ग्रामीण क्षेत्र और रोजगार मंत्रालय पर इसकी उप-समिति के सदस्य बने।

1999: कृषि और सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य बने

2000: युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने

2000: हाउस कमेटी के अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव बने

2005, 2009, 2014: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने

2020: 23 मार्च को उन्होंने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

2024: 09 जून को उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली।

व्यक्तिगत जीवन

जन्मतिथि : 05 मार्च 1959

आयु : (2023 तक) 64 वर्ष

जन्मस्थान : बुधनी, जिला- सीहोर (मध्य प्रदेश)

राशि चक्र : मीन

राष्ट्रीयता : भारतीय

गृह नगर : बुधनी, मध्य प्रदेश, भारत

कॉलेज/विश्वविद्यालय : बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल

शैक्षिक योग्यता : एमए (दर्शनशास्त्र)

रुचि : तैराकी

परिवार-

पिता- प्रेम सिंह चौहान

माता- सुंदर बाई चौहान

भाई- नरेंद्र सिंह चौहान (छोटे)

भाई- सुरजीत सिंह चौहान (युवा, राजनीतिज्ञ)

धर्म- हिंदू धर्म

जाति- ओबीसी (किरार)

पता: ग्राम-जैत, पोस्ट-सरदार नगर, बुधनी, सीहोर, मध्य प्रदेश

पत्नी- साधना सिंह

बच्चे: कार्तिकेय चौहान (पुत्र), कुणाल चौहान (पुत्र)

पुरस्कार व सम्मान-

कृषि कर्मण : 2011-12 (गेहूं का उच्चतम उत्पादन)

इंडियन ऑफ द ईयर : 2011-12

हिन्दुस्थान समाचार/मुकेश/आकाश

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