बारह वर्षों में हमारी दीदियों को बारह लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण मिला : शिवराज सिंह
नई दिल्ली, 21 फ़रवरी (हि.स.)। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 12 वर्षों में दीदियों को 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण मिला है।
अब बैंकर्स के साथ चर्चा करके तय किया है कि अगले 5 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया जाएगा।
इसका मतलब है हर वर्ष 2 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य।
हमारा संकल्प है- सभी पात्र सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को 100 ऋण उपलब्ध कराना।
कोई भी समूह छूटेगा नहीं, हर एसएचजी तक वित्तीय पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
अब हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हर सेल्फ हेल्प ग्रुप को वित्तीय सहायता मिले और वह आत्मनिर्भर बने।
शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को तेलंगाना में दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 25वीं केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बैंक केवल लेन-देन का केंद्र नहीं बल्कि समग्र विकास का सेतु हैं।
एक तरफ बैंक गरीब की आशाओं को थामते हैं, तो दूसरी तरफ उसे आत्मनिर्भरता के पंख भी देते हैं।
आप केवल ऋण नहीं बांट रहे, बल्कि भारत के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
जब बैंक की शाखा गरीब की आशा बनती है, तब प्रगति की नई परिभाषा लिखी जाती है।
इसलिए आपकी भूमिका साधारण नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
हमारा लक्ष्य ‘जीरो रिजेक्शन’ होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक योजना नहीं, हमारी सरकार का एक मिशन है।
पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति देखने को मिली है।
आज 10 करोड़ से अधिक बहनें सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ चुकी हैं।
10 करोड़ बहनों का अर्थ है कि लगभग 40 करोड़ लोग इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं यानी हर परिवार तक इसका प्रभाव पहुंचा है।
आज देश में 91 लाख सक्रिय सेल्फ हेल्प ग्रुप कार्य कर रहे हैं।
ये केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आजीविका मिशन के माध्यम से 10 करोड़ सपनों का संगठित जनआंदोलन है।
उन्होंने दुःख जाहिर करते हुए कहा कि तेलंगाना में पिछली सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का पूरा लाभ नहीं उठाया।
हमने आवास स्वीकृत कर पहली किस्त भेज दी थी, लेकिन कई वर्षों तक उसका उपयोग नहीं हुआ।
अंततः 2023 में पहली किस्त की राशि राज्य सरकार ने वापस कर दी।
इसका अर्थ यह है कि लाखों गरीब ग्रामीण परिवार, जो मकान पा सकते थे, वे उससे वंचित रह गए।
अब मुझे खुशी है कि राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री और मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर योजना से जुड़ने का आग्रह किया है।
हम प्रसन्नता से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता के अनुसार तेलंगाना में आवास स्वीकृत करने की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे।
आवास प्लस’ मोबाइल ऐप के माध्यम से 11,56,929 संभावित ग्रामीण परिवार चिन्हित हुए हैं, पात्र परिवारों को मकान देने का क्रम शुरू किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

