भाजपा असम में इस बार हैट्रिक लगाएगी : सोनोवाल

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भाजपा असम में इस बार हैट्रिक लगाएगी : सोनोवाल


भाजपा असम में इस बार हैट्रिक लगाएगी : सोनोवाल


सौरव राय

नई दिल्ली, 04 अप्रैल (हि.स.)। असम विधानसभा चुनाव के प्रचार में जोरशोर से जुटे केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल का दावा है कि राज्य में भाजपा को 100 से अधिक सीटों पर विजय मिलेगी। राज्य में लगातार तीसरी बार भाजपा के नेतृत्व में राजग की सरकार बननी तय है।

सोनोवाल ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि चुनाव में भाजपा सरकार ने 10 साल की उपलब्धियों को प्रमुखता से सामने रखा है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने राज्य में विकास के व्यापक कार्य किए हैं। इन विकास कार्यों को जनता भी बखूबी समझ रही है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से 2026 के बीच असम में सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और सुधार, अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता बढ़ाना और स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति जैसे बुनियादी ढांचे और कल्याण योजनाओं पर जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि साल 1947 से 2016 तक केंद्र और राज्य में कांग्रेस शासन के बावजूद मौलिक सुविधाएं भी लोगों को नहीं मिली। असम के लोगों ने बार-बार इसके लिए आंदोलन भी किया लेकिन कांग्रेस ने तनिक भी इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बदले उन्होंने सिस्टम में भ्रष्टाचार से लेकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को जगह दी। इसके पीछे उनका उद्देश्य बस उन घुसपैठियों की बदौलत सत्ता में बने रहना था।

पूर्व मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि बीते 10 साल में प्रधानमंत्री माेदी के नेतृत्व में शौचालय, उज्ज्वला योजना के तहत गैस और जनधन योजना के तहत सभी के खाते खुलवाये। संस्कृति की बात की जाये तो हमने असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलवाया। हमारी सांस्कृतिक धरोहर, जैसे बागुरुम्बा नृत्य (बोडो समुदाय का एक और प्रसिद्ध नृत्य है), बिहू (असम का प्रसिद्ध लोक नृत्य), भोरताल (पारंपरिक ताल वाद्य के साथ किया जाने वाला नृत्य) चाय बागान का झुमुर नृत्य ऐसे अनेक कार्य हैं जिनको हमने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। जहां तक चुनाव का सवाल है हम इस बार फिर असम में सरकार बना रहे हैं और 100 से अधिक सीटों पर भाजपा को विजय मिलेगी।

उन्होंने कहा कि गैर कानूनी ढंग से जिन भी घुसपैठियों ने हमारे बाप-दादाओं की जमीन कब्जा कर रखा था, उसको वापस लेने का काम हमने किया है। मई के आंकड़ों के आधार पर काजीरंगा में घुसपैठिए थे उन्हें हमने निकाला। उन्होंने वहां जमीन ही कब्ज़ा नहीं कि थी बल्कि वहां के जानवरों का शिकार कर उसकी तस्करी भी करते थे। काजीरंगा में एक सिंह वाला गेंडा, दुनिया का सबसे कीमती जानवर है। हमारी सरकार आते ही पहला काम हमने घुसपैठियों को बाहर किया। हमारी सरकार ने डेढ़ लाख बीघा से ऊपर जमीन घुसपैठियों से खाली कराया। उसके बाद उस जमीन को असमिया समुदाय के 8 लाख लोगों को पट्टा किया। इससे मूल असमिया लोगों से छीनी गई जमीन उन्हें सम्मान के साथ वापस किया गया। ऐसे कार्य हर जगह असम में चल रहे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता सोनोवाल ने कहा कि चाय बागान मजदूरों के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। कांग्रेस अपने कार्यकाल में सिर्फ 94 रुपये देती थी। हमने उसे बढाकर 250 रुपये तक कर दिया है। अगले 5 साल में हम इसे 500 रुपये तक ले जाएंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10 लाख से अधिक मजदूर हैं और अप्रत्यक्ष 20 लाख से ज्यादा है। वहां सड़क व्यवस्था की इतनी नाजुक स्थिति थी कि महिलाओं को चलना मुश्किल हो गया था। भाजपा ने उनके लिए पक्का रास्ता बनाया। उनके पास बैंक अकाउंट नहीं थे, वह अनपढ़ थे, हमने 8.5 लाख मजदूरों के बैंक खाते खोले गए और हर खाते में हमने 8 हजार रुपये डाले। अभी फिर से हमने 5 हजार रुपये डाले हैं।

केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि

चाय बागान में अस्पताल और साथ में दवाइयों की भी व्यवस्था हमारी सरकार ने किया। उनके क्षेत्र में कोई हाई स्कूल नहीं था। हमने मॉडल स्कूल बनाए और जो भी उनके बच्चे यूपीएससी या बैंकिंग या किसी भी कॉम्पिटेटिव एक्जाम में शामिल होना चाहते हैं तो उसके लिए फ्री ट्रेनिंग की व्यवस्था की गयी। साथ ही चाय बागान में काम करने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए पहले कोई सुविधा नहीं होती थी भाजपा सरकार ने उन्हें 12 हजार रुपये हर महिला के खाते में डाले ताकि वह अपने शरीर का ख्याल रख सके। चुनाव से ठीक पहले सरकार ने महिलाओं के खाते में नौ हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए जो भी हमने कदम उठाए गए हैं उसका स्वागत करना चाहिए। आजादी के बाद किसी सरकार ने महिलाओं का यदि ध्यान रखा है तो वह भाजपा सरकार है।

पश्चिम एशिया संकट पर केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि यह वैश्विक घटना है और सारी दुनिया एक्सपोर्ट-इंपोर्ट के सिलसिले में निश्चित रूप से एक दूसरे पर निर्भर है। यह चुनौती विश्व के हर देश के सामने अभी खड़ी है इस चुनौती से निपटने के लिए जो भी हमें रणनीति बनानी चाहिए उसपर निश्चित तौर पर कार्य कर रहे हैं। हमारे जहाज अभी भी आ रहे हैं। यह लगातार प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के कारण हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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