वृंदावन में संघ प्रमुख ने किया नवनिर्मित जीवनदीप आश्रम का लोकार्पण
जीवन में उतार-चढ़ाव और कठिनाइयों का सामना करना चाहिए : मोहन भागवत आश्रम के लाेकार्पण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री माेहन यादव भी हुए शमिल
मथुरा, 24 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डाॅ माेहन भागवत ने मंगलवार काे वृंदावन के रुक्मिणी विहार में स्वामी यतिद्रानंद महाराज के संस्थापित नवनिर्मित जीवनदीप आश्रम का लोकार्पण किया। डाॅ भागवत ने जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों और कठिनाइयों सेलड़ने का मंत्र दिया।
जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण कार्यक्रम में स्वामी यतिद्रानंद महाराज के अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए डाॅ मोहन भागवत ने कहा कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों और कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उनसे लड़ना चाहिए। ’जीवन के थपेड़ों से लड़ना है, हारना नहीं।’ आश्रमों को धर्म की शिक्षा का केंद्र बताते हुए उन्होंने कहा कि ये स्थान न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि भौतिक शरीर को ऊर्जावान, ओजस्वी और तेजस्वी बनाने में भी सहायक होते हैं। डाॅ मोहन ने विश्व में व्याप्त तनाव और कलह पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कलह से केवल नुकसान ही हो रहा है। उन्होंने बदले की भावना से किए जा रहे कार्यों को गलत ठहराया और शांति व सौहार्द का संदेश दिया। संघ प्रमुख ने धर्मांतरण को रोकने में समाज की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल कानून का ही नहीं, बल्कि समाज का भी है। उन्होंने घुसपैठियों को रोकने और बिना अनुमति देश में आकर रोजगार प्राप्त करने वाले विदेशियों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार

