साहित्य अकादमी पुरस्कार-2025 की घोषणा, 24 भाषाओं की उत्कृष्ट कृतियां सम्मानित, 31 मार्च को होगा सम्मान समारोह
नई दिल्ली, 16 मार्च। साहित्य अकादमी ने वर्ष 2025 के लिए अपने प्रतिष्ठित वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार देश की 24 भारतीय भाषाओं की उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों को सम्मान के लिए चुना गया है।
अकादमी की सचिव पल्लवी प्रशांत होल्कर की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चयनित कृतियों में कविता, उपन्यास, कहानी, निबंध, आलोचना, आत्मकथा और संस्मरण जैसी विभिन्न विधाओं की पुस्तकें शामिल हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष 8 कविता-संग्रह, 4 उपन्यास, 6 कहानी-संग्रह, 2 निबंध, 1 साहित्यिक आलोचना, 1 आत्मकथा और 2 संस्मरण को पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इन पुरस्कारों का चयन 24 भारतीय भाषाओं की अलग-अलग निर्णायक समितियों (ज्यूरी) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक विजेता को उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। सम्मान समारोह 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
कविता विधा में आठ कृतियां चयनित
कविता श्रेणी में बांग्ला की 'श्रेष्ठ कबिता', डोगरी की 'ठाकुर' सतसई, गुजराती की 'भट्टखडकी', कश्मीरी की 'नजदावनेकी पॉट अलाव', ओड़िया की 'पदपुराण', संस्कृत की 'प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोषः', तेलुगु की 'अनिमेष' और उर्दू की 'सफर जारी है' को सम्मानित किया जाएगा। इन कृतियों के माध्यम से भारतीय भाषाओं की काव्य परंपरा, सांस्कृतिक विविधता और समकालीन संवेदनाओं को प्रभावी रूप से अभिव्यक्ति मिली है।
उपन्यास श्रेणी में चार रचनाएं
उपन्यास विधा में असमिया लेखक देवब्रत दास की 'कड़ि खेलर साधु', बोडो भाषा की 'दोनै लामाः मोनसे गाथोन (सहायसुलि ब्रह्म)', अंग्रेजी उपन्यास 'क्रिमसन स्प्रिंग' (नवतेज सरना) और मलयालम की 'मायामानुश्यर' (एन. प्रभाकरन) को पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन उपन्यासों में समाज, इतिहास, मानव मन और बदलती जीवन परिस्थितियों को गहराई से चित्रित किया गया है।
कहानी संग्रहों को भी मिला सम्मान
कहानी विधा में कन्नड़ की 'दडा सेरिसु तंदे' (अमरेश नुगडोणी), मणिपुरी की 'कंगलमद्रीब इफुत' (हाओबम नलिनि), पंजाबी की 'सेफ्टी किट' (जिंदर), राजस्थानी की 'भरखमा' (जितेंद्र कुमार सोनी), संताली की 'मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई' (सुमित्रा सोरेन) और सिंधी की 'वाघू' (भगवान अटलानी) को पुरस्कार के लिए चुना गया है। इन कहानी संग्रहों में समाज के विविध वर्गों की समस्याएं, मानवीय संवेदनाएं और जीवन की जटिलताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
निबंध, आलोचना और आत्मकथा भी सम्मानित
निबंध श्रेणी में कोंकणी की 'कोंकणी काव्यें: रुपां आनी रूपकां' (हेनरी मेंडोनका) और नेपाली की 'नेपाली पारम्परिक संस्कृति र सभ्यताको ढुकुटी' (प्रकाश भट्टराई) को पुरस्कार मिलेगा। तमिल भाषा में साहित्यिक आलोचना के लिए 'तमिळ सिरुकथैयिन थडंगल' (सा. तमिळसेलवन) का चयन किया गया है। आत्मकथा श्रेणी में मराठी की 'काळ्यानिळ्या रेषा' (राजू बाविस्कर) को सम्मानित किया जाएगा।
हिंदी और मैथिली में संस्मरण को पुरस्कार
संस्मरण विधा में हिंदी लेखिका ममता कालिया की पुस्तक 'जीते जी इलाहाबाद' तथा मैथिली की 'धात्री पात सन गाम' (महेन्द्र) को पुरस्कार के लिए चुना गया है।
31 मार्च को होगा सम्मान समारोह
अकादमी के अनुसार, सभी पुरस्कार विजेताओं को 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने और देश की बहुभाषी साहित्यिक परंपरा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जाता है।
भाषा पुस्तक एवं विधा लेखक
असमिया-कड़ि खेलर साधु (उपन्यास)-देवब्रत दासबांग्ल- श्रेष्ठ कबिता (कविता)-प्रसून बंद्योपाध्यायबोडो-दोनै लामाः मोनसे गाथोन (उपन्यास)-सहायसुलि ब्रह्मडोगरी-‘ठाकुर’ सतसई (कविता/दोहा)-खजूर सिंह ठाकुरअंग्रेजी-क्रिमसन स्प्रिंग (उपन्यास)-नवतेज सरनागुजराती-भट्टखडकी (कविता)-योगेश वैद्यहिंदी-जीते जी इलाहाबाद (संस्मरण)-ममता कालियाकन्नड़-दडा सेरिसु तंदे (कहानी)-अमरेश नुगडोणीकश्मीरी-नजदावनेकी पॉट अलाव (कविता)-अली शैदाकोंकणी-कोंकणी काव्यें: रुपां आनी रूपकां (आलोचनात्मक निबंध)-हेनरी मेंडोनकामैथिली-धात्री पात सन गाम (संस्मरण)-महेन्द्रमलयालम-मायामानुश्यर (उपन्यास)-एन. प्रभाकरनमणिपुरी-कंगलमद्रीब इफुत (कहानी)-हाओबम नलिनिमराठी-काळ्यानिळ्या रेषा (आत्मकथा)-राजू बाविस्करनेपाली-नेपाली पारम्परिक संस्कृति र सभ्यताको ढुकुटी (निबंध)-प्रकाश भट्टराईओड़िआ-पदपुराण (कविता)-गिरिजाकुमार बलियारसिंहपंजाबी-सेफ्टी किट (कहानी)-जिंदरराजस्थानी-भरखमा (कहानी)-जितेंद्र कुमार सोनीसंस्कृत-प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोषः (कविता)-साधु भद्रेशदाससंताली-मिड बिर्ना चेनने साओन इनाग सागई (कहानी)-सुमित्रा सोरेनसिंधी-वाघू (कहानी)-भगवान अटलानीतमिल -तमिळसिरुकथैयिन थडंगल (साहित्यिक आलोचना)-सा. तमिळसेलवनतेलुगु-अनिमेष (कविता)-नंदिनी सिद्धरेड्डीउर्दू-सफर जारी है (कविता-प्रितपाल सिंह बेताब
इन सभी विजेताओं को 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक पुरस्कार में ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

