सहारा जमाकर्ताओं को बड़ी राहत, रिफंड पोर्टल फिर शुरू, 41.56 लाख लोगों को लौटाए 9,267 करोड़ रुपये

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नई दिल्ली, 08 सितंबर (हि.स.)। सहारा समूह की सहकारी समितियों में फंसे जमाकर्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) ने लंबित दावों के सत्यापन और भुगतान की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल बहाल कर दिया है। अब लंबित करीब 20 लाख आवेदनों की जांच और रिफंड प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

सहकारिता मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि अब तक 41,56,711 जमाकर्ताओं को कुल 9,267 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। यह राशि सीधे जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खातों में जमा की गई है। पोर्टल बहाल होने के बाद शेष लंबित आवेदनों के सत्यापन और पात्र दावों के भुगतान का काम फिर गति पकड़ेगा।

मंत्रालय के मुताबिक रिफंड की पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी, डिजिटल, कागजरहित और सत्यापन आधारित है। यह प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय के 29 मार्च 2023 के आदेश के तहत संचालित की जा रही है। सरकार ने जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा और सहकारी क्षेत्र में लोगों का भरोसा मजबूत करने को प्राथमिकता दी है।

मंत्रालय ने बताया कि नवंबर 2025 में सहारा सहकारी समितियों के परिसरों को कुछ मामलों के चलते सील किए जाने के बाद उनके कामकाज पर असर पड़ा था। इसके साथ ही हार्डवेयर और वार्षिक रखरखाव अनुबंध से जुड़े बकाये, जरूरी आईटी ढांचे और लाइसेंस के नवीनीकरण, मानव संसाधन तथा प्रशासनिक समस्याओं के कारण रिफंड दावों के सत्यापन और प्रसंस्करण की व्यवस्था बाधित हुई।

सहकारिता मंत्रालय ने संबंधित हितधारकों और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों एवं प्राधिकरणों के साथ समन्वय कर इन अड़चनों को दूर किया। आवश्यक आईटी प्रणाली, बुनियादी ढांचे और लाइसेंस को बहाल करने के साथ प्रशासनिक एवं मानव संसाधन संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया गया। इसके बाद पोर्टल और उससे जुड़ी सत्यापन प्रणाली को फिर सक्रिय किया गया।

रिफंड की प्रक्रिया सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के पात्र जमाकर्ताओं के लिए लागू है। इनमें सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ; सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता, और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, हैदराबाद शामिल हैं।

सरकार ने 18 जुलाई 2023 को सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया था। इसके जरिए जमाकर्ताओं को बिना कागजी प्रक्रिया के ऑनलाइन रिफंड का दावा करने की सुविधा दी गई। दावों का सत्यापन आधार ई-केवाईसी के माध्यम से किया जाता है। इसके तहत जमाकर्ता, सदस्यता और बैंक खाते से जुड़े विवरणों का संबंधित सहकारी समितियों के रिकॉर्ड से मिलान किया जाता है।

जमाकर्ताओं द्वारा जमा प्रमाणपत्र, रसीद और अन्य निर्धारित दस्तावेजों की भी जांच की जाती है। सत्यापन पूरा होने और दावा पात्र पाए जाने पर रिफंड की राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।

मंत्रालय ने जमाकर्ताओं को आगाह किया है कि वे नए दावे के लिए केवल आधिकारिक सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल का इस्तेमाल करें। जमा किए गए दावों में त्रुटि सुधारने के लिए, सूचना मिलने पर निर्धारित पुनः जमा पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि जमाकर्ताओं को अनधिकृत माध्यमों और भ्रामक दावों से बचना चाहिए तथा निर्धारित दस्तावेजों और प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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