संघ ने रुक्मिणी अक्का के निधन पर शोक जताया
नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राष्ट्र सेविका समिति की पूर्व अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका रुक्मिणी अक्का के निधन पर दुख जताया। संघ ने उनके परिवार और समिति की समस्त बहनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से उस पुण्यात्मा को सद्गति प्रदान करने की प्रार्थना की।
संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को संयुक्त बयान में रुक्मिणी अक्का के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि मातृ समान रुक्मिणी अक्का के देहावसान ने हमारे भाव विश्व में एक शून्य पैदा किया हैै। वृद्धावस्था में शरीर शांत होना स्वाभाविक ही है किंतु दशकों के परिचय, आत्मीय संबंध के कारण मन को असहनीय वेदना होती है। रुक्मिणी का ज्ञानानुभव संपन्न जीवन एवं व्यक्तित्व एक राष्ट्र समर्पित सार्थक जीवन का प्राज्ज्वल्यमान उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिन्दू समाज का संगठन एवं महिलाओं को संस्कार देने के इस उदात्त कार्य में वह सदैव सक्रिय रहीं। उनकी सहज मातृवत् आत्मीयता और निरंतर सक्रियता सभी को प्रभावित करती थी। उनके निधन से सेविकाएं समेत सभी एक मातृ समान अभिभावक से वंचित हुए हैं। संघ आदर्श के मेरु सदृश सूर्यनारायण राव परिवार के उस पीढ़ी की आखरी कड़ी भी अब नहीं रही। रुक्मिणी अक्का अब स्मृतिशेष हैं।
98 वर्षीय रुक्मिणी अक्का का गुरुवार रात बेंगलुरु स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। वह उम्रजनित समस्याओं से जूझ रही थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

