रोजगार मेला में युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का दिया भरोसा

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रोजगार मेला में युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पारदर्शी भर्ती व्यवस्था का दिया भरोसा


कोलकाता, 23 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर आयोजित “रोजगार मेला” के तहत शुक्रवार को देशभर के 47 केंद्रों पर एक साथ सरकारी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस चरण में कुल 51 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

इसी क्रम में कोलकाता के सियालदह स्थित डॉ. बिधान चंद्र राय ऑडिटोरियम में भी रोजगार मेला कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय राज्यमंत्री एवं बालुरघाट के सांसद सुकांत मजूमदार, रेलवे अधिकारी तथा केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी, योग्यता आधारित और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की नीतियों और नेतृत्व के कारण देश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं तथा भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल का नाम शिक्षक भर्ती घोटाले और नगर निकाय भर्ती घोटाले जैसे मामलों से प्रभावित हुआ, जिससे राज्य के शिक्षित युवाओं का भविष्य नुकसानग्रस्त हुआ। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि डबल इंजन सरकार राज्य को उस स्थिति से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में सभी सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता तथा योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी छह जून को राज्य की सभी भर्ती एजेंसियों के साथ एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें रेलवे भर्ती बोर्ड सहित केंद्रीय एजेंसियों की भर्ती प्रणाली को अपनाने पर चर्चा होगी। आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा में नई भर्ती नीति से संबंधित कानून भी लाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में ओएमआर आधारित परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को कार्बन कॉपी देना अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता या हेरफेर की संभावना न रहे। साथ ही साक्षात्कार के अंकों का महत्व कम कर लिखित परीक्षा और शैक्षणिक अंकों को अधिक महत्व देने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने संवैधानिक “हंड्रेड प्वाइंट रोस्टर” व्यवस्था को सही तरीके से लागू नहीं किया, जिसके कारण अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग अभ्यर्थी अपने अधिकारों से वंचित रहे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान सरकार इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पश्चिम बंगाल में 61 नई रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। लंबे समय से भूमि संबंधी समस्याओं में फंसी परियोजनाओं की बाधाएं दूर की जा रही हैं। जोका-दमदम मेट्रो सहित कई आधारभूत संरचना परियोजनाओं में तेजी दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब पश्चिम बंगाल भी पूरी तरह विकसित होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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