एआई हर व्यक्ति और हर उद्यम तक पहुंचेगा, राजस्थान में 5 हजार युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण : अश्विनी वैष्णव
जयपुर, 06 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आने वाले समय में मानव जीवन का अभिन्न अंग बनेगा और इसकी पहुंच हर व्यक्ति, हर घर तथा हर उद्यम तक सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एआई को समावेशी, सुलभ और जनोपयोगी बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं।
वैष्णव मंगलवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने घोषणा की कि राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संगठनों के सहयोग से नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनके तहत राज्य के पांच हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्थान में डेटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक प्रक्रियाएं प्रारंभ की जाएंगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई विकास के क्षेत्र में भारत आज विश्व के शीर्ष तीन देशों चीन, अमेरिका और भारत में शामिल है। विशाल प्रतिभा, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित इकोसिस्टम भारत को वैश्विक स्तर पर एआई नेतृत्व की ओर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एआई कंप्यूटिंग सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से कॉमन कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसके तहत देशभर में कम लागत पर उन्नत कंप्यूट संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष फोकस के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। बीकानेर से जैसलमेर और अन्य सीमावर्ती इलाकों तक रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने के कार्य प्रगति पर हैं, जिससे सुरक्षा, विकास और संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। आधार, जनधन, मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भारत ने ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिसे आज विश्व के विकसित देश भी अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है, ताकि एआई और डिजिटल तकनीक का लाभ बड़े शहरों तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम व्यक्ति और गांव तक पहुंचे।
प्रसाद ने कहा कि भारत के पास विशाल डेटा संसाधन हैं, जो देश की बड़ी ताकत है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि कौन-सा कंटेंट एआई द्वारा निर्मित है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत में शीघ्र ही एक वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें अनेक देशों, वैश्विक कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग, वाणिज्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी हिमांशु गुप्ता, सीईओ एआई इंडिया अभिषेक सिंह सहित युवा उद्यमी, निवेशक, आईटी प्रोफेशनल्स और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

