बहुराष्ट्रीय 'तरंग शक्ति' युद्धभ्यास में दुनिया के टॉप फाइटर जेट्स ने ताकत दिखाई
जोधपुर, 29 सितम्बर (हि.स.)। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन में चल रहे 'तरंग शक्ति' युद्धाभ्यास में भारत के स्वदेशी विमान तेजस और दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट एफ-35ए ने एक साथ उड़ान भरी। एफ-35ए भारत में पहली बार युद्धाभ्यास में शामिल हो रहे हैं। छह फाइटर जेट जापान में स्थित अमेरिका के एयर बेस से जोधपुर आए हैं। भारतीय वायु सेना के एक वीडियो में दोनों विमान एक साथ उड़ते हुए दिख रहे हैं।
दरअसल, जोधपुर में चल रहे वायु सेना के 'तरंग शक्ति-2026' युद्दाभ्यास में दुनिया के 7 बड़े देश हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिकी वायु सेना के एफ-35ए लाइटनिंग द्वितीय विमान पहली बार 'तरंग शक्ति' अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। स्टील्थ तकनीक, अत्याधुनिक सेंसर और सूचना साझा करने की क्षमताओं से लैस एफ-35 विमान भारतीय वायु सेना और अन्य सहयोगी देशों के साथ प्रशिक्षण के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। इससे आपसी समन्वय और संयुक्त तैयारी को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश हिस्सा ले रहे हैं, यानी भारत समेत कुल आठ देशों की वायु सेनाएं सीधे तौर पर भाग ले रही हैं। इसके अतिरिक्त 32 से ज्यादा देश इस सैन्य आयोजन में प्रेक्षक (ऑब्जर्वर) के रूप में शामिल हुए हैं। जोधपुर के आसमान में बहुराष्ट्रीय हवाई शक्ति का एक अद्भुत और शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां भाग ले रहे विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों ने बेहतर रणनीतिक अभियानों के लिए उड़ान भरी।
सटीकता, शक्ति और साझेदारी के संदेश के साथ ये अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स आज एक ही आसमान में एकजुट होकर भारत की सैन्य ताकत और वैश्विक सहयोग का परचम लहरा रहे हैं। इस विशाल सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दुनिया की अग्रणी वायु सेनाओं के बीच आधुनिक युद्ध तकनीकों का आदान-प्रदान करना और एक-दूसरे के साथ मिलकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने की क्षमता को बढ़ाना है। इस दौरान दिन और रात में होने वाले जटिल हवाई हमलों, डॉगफाइट और हवा में ही ईंधन भरने जैसे कठिन अभ्यासों को अंजाम दिया जा रहा है, जिससे भारत की रक्षा कूटनीति को वैश्विक मंच पर एक नया मुकाम मिला है।--------------------------
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

