गणतंत्र दिवस पर 163 नदी रक्षक बनेंगे विशेष अतिथि
नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड 2026 में एक अनूठी पहल की गई है। कर्तव्य पथ पर दर्शक दीर्घाओं के नाम देश भर में बहने वाली प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं। इसी भावना को साकार करते हुए ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चिनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु, झेलम, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रावी, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना के नाम से जाना जाएगा।
जल शक्ति मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर) के विशेष अतिथि के रूप में कुल 163 लोगों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें जल योद्धा भी शामिल हैं। ये विशेष अतिथि उत्तराखंड से 28, झारखंड से 10, बिहार से 40 और उत्तर प्रदेश से 85 हैं।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और भारतीय वन्यजीव संस्थान के संयुक्त सहयोग से कार्यरत गंगा प्रहरी—स्थानीय समुदायों से जुड़े प्रशिक्षित स्वयंसेवक—गंगा नदी की जैव विविधता संरक्षण, स्वच्छता, तथा निर्मल और अविरल धारा की बहाली के लिए कार्य कर रहे हैं। इनके साथ ही जलीय जीवों जैसे डॉल्फ़िन और कछुओं के संरक्षण में लगे निजी नागरिकों, गैर-सरकारी संगठनों तथा नदी संरक्षण और सामुदायिक आउटरीच से जुड़े लोगों को भी परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया है।
यह विशेष अतिथि पहल न केवल सामुदायिक योगदान को मान्यता देती है, बल्कि ग्रामीण नागरिकों को कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय महत्व के ऐतिहासिक समारोह को प्रत्यक्ष देखने का अवसर भी प्रदान करती है। इन अतिथियों की उपस्थिति से जनभागीदारी और सामुदायिक जुड़ाव को राष्ट्रीय विकास प्रयासों के केंद्रीय तत्व के रूप में और बल मिलेगा। सभी विशेष अतिथियों को दर्शक दीर्घा में बैठाया जाएगा।
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव वीएल कंथा राव घाघरा परिक्षेत्र से गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त, 27 जनवरी को ये विशेष अतिथि जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल तथा राज्यमंत्री वी. सोमन्ना और राज भूषण चौधरी संग बातचीत करेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

