एसआईआर के नाम पर देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल गांधी : रामदास आठवले

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एसआईआर के नाम पर देश की जनता को गुमराह करना बंद करें राहुल गांधी : रामदास आठवले


नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताते हुए कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे जाने का दावा पूरी तरह असत्य है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एसआईआर के नाम पर देश की जनता को गुमराह करना बंद करना चाहिए।

आठवले ने यहां मंगलवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में मृत, अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की प्रविष्टियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चिन्हित किया गया है। इन प्रविष्टियों का चिन्हित होना अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का प्रमाण नहीं है तथा पात्र मतदाताओं को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार लगभग 13 करोड़ नाम विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 2.8 करोड़ मृत, 3 करोड़ अनुपस्थित/लापता, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा लगभग 1 करोड़ दोहरी/एकाधिक प्रविष्टियां शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना, फर्जी एवं दोहरी प्रविष्टियों पर अंकुश लगाना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना है। भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके विरुद्ध बिना तथ्य एवं प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा के विरुद्ध है। विपक्ष को राजनीतिक भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।

आठवले ने कहा कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को प्रधानमंत्री तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं के पदों पर आसीन व्यक्तियों के प्रति अभद्र एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों से बचना चाहिए। उन्हें बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों का अनुसरण करते हुए युवाओं के अधिकारों एवं न्याय के लिए सकारात्मक और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना विपक्ष के दोहरे राजनीतिक रवैये को दर्शाता है।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने देशवासियों से अपील की कि वे एसआईआर को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों से सावधान रहें तथा मतदाता सूची से संबंधित जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूचना तंत्र पर ही भरोसा करें। आठवले ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद हैं और एसआईआर इसी व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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