राज्यसभा ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक को मंजूरी देकर लोकसभा को लौटाया

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राज्यसभा ने विनियोग (संख्या-3) विधेयक को मंजूरी देकर लोकसभा को लौटाया


नई दिल्ली, 06 अगस्त (हि.स.)। राज्यसभा ने अतिरिक्त व्यय को नियमित करने के लिए विनियोग (संख्या-3) विधेयक-2026 को गुरुवार को मंजूरी दे दी। राज्यसभा ने इस विधेयक पर करीब 45 मिनट चर्चा के बाद बिना किसी संशोधन के इसे लोकसभा को लौटा दिया। यह विधेयक 4 अगस्त को लोकसभा से पारित हो गया था।

विधेयक में अतिरिक्त व्यय में 53,871.01 करोड़ रुपये ऋण चुकाने तथा 196.45 करोड़ रुपये रेल मंत्रालय के पूंजीगत व्यय के लिए शामिल हैं। इसका उद्देश्य वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान स्वीकृत बजट से अधिक हुए खर्च को वैधानिक मान्यता प्रदान करना है।

तीन बार के स्थगन के बाद दोपहर 2.45 बजे राज्यसभा की बैठक शुरू हुई और इस विधेयक पर चर्चा शुरू हुई । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक को चर्चा और लौटाने के लिए पेश किया।

विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री अमित शाह के बयान की मांग करते हुए सदन से बहिर्गमन किया।

वित्त मंत्री सीतारमण ने राज्यसभा में विनियोग (संख्या-3) विधेयक-2026 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन और पारदर्शी बजट प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 114 के तहत भारत की संचित निधि से धन निकालने के लिए संसद से विनियोग अधिनियम पारित कराना आवश्यक होता है।

इससे पहले इस विधेयक पर चर्चा में भाग लते हुए सांसद महेन्द्र भट्ट ने कहा कि यह विधेयक केवल व्यय की स्वीकृति नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, जनकल्याण, आधुनिक अवसंरचना, राष्ट्रीय सुरक्षा और समावेशी विकास के लिए संसाधनों का प्रभावी उपयोग ही राष्ट्र निर्माण का आधार है।

उत्तराखंड सहित देशभर में सड़क, रेल, पर्यटन, सीमा क्षेत्र विकास, जल जीवन मिशन, डिजिटल कनेक्टिविटी और जनकल्याणकारी योजनाओं में हो रहा निवेश इसी विकास-दृष्टि का प्रमाण है। इस चर्चा में आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह, हिमाचल प्रदेश से भाजपा सदस्य डॉ. सिंकदर कुमार सहित कई सदस्यो ने भाग लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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