रायपुर डिवीजन के 13 स्टेशनों के लिए 226 करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग परियोजना को मंजूरी

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रायपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। सिग्नलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और परिचालन सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय रेल ने दक्षिण पूर्व मध्य रेल (एसईसीआर) के रायपुर डिवीजन के दुर्ग-तारोकी खंड के 13 स्टेशनों पर 226 करोड़ रुपये की लागत से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली की स्थापना को मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना में 13 स्टेशनों पर मौजूदा पैनल इंटरलॉकिंग (पीआई) प्रणाली को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईआई) प्रणाली से बदलना शामिल है, जिससे सुरक्षित, अधिक विश्वसनीय और प्रौद्योगिकी-आधारित ट्रेन परिचालन संभव हो सकेगा।

रेलवे प्रबंधन द्वारा आज जारी एक प्रेस नोट में बताया गया है कि स्वीकृत परियोजना में रायपुर डिवीजन के दुर्ग-तारोकी खंड के मारौडा (एमएक्सए), रिसमा (आरएसए), गुंडरदेही(जीडीजेड), लाटाबोर (एलबीओ), बलोद (बीएक्सए), कुसुमकासा (केवाईएस), दल्ली राजहरा (डीआरजेड), गुडम(जीयूडीएम), भानुप्रतापपुर (बीपीटीपी), केवटी (केईटीआई), अंतागढ़ (एएजीएच), तारोकी (टीडीओके) तथा

रायपुर स्टोर डिपो (आरएसडी) रेलवे स्टेशन शामिल हैं।

पैनल इंटरलॉकिंग से इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली में परिवर्तन से इस महत्वपूर्ण खंड पर सिग्नलिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर का काफी आधुनिकीकरण होगा, जिससे परिचालन में अनुकूलन और सिस्टम की विश्वसनीयता में सुधार होगा।

उल्लेखनीय इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली एक अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक है जो उन्नत सुरक्षा सुविधाओं को शामिल करते हुए रूट सेटिंग और सिग्नलिंग कार्यों को स्वचालित बनाती है। उन्नत प्रणाली परिचालन दक्षता में सुधार करेगी, सिग्नलिंग विफलताओं की संभावना को कम करेगी और व्यवधानों के दौरान त्वरित बहाली को सक्षम बनाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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