सिंहस्थ के लिए रेलवे का मेगा प्लान, 300 से ज्यादा चलेंगी ट्रेनें

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सिंहस्थ के लिए रेलवे का मेगा प्लान, 300 से ज्यादा चलेंगी ट्रेनें


उज्जैन, 31 जनवरी (हि.स.)। सिंहस्थ 2028 को लेकर अब रेलवे ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक सिंहस्थ के दौरान देशभर से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे उज्जैन के साथ ही इंदौर के लिए 300 से अधिक ट्रेनों के संचालन की योजना पर काम कर रहा है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों के विकास, यात्री सुविधाओं में विस्तार और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।

प्रदेश सरकार के साथ समन्वय बनाकर रेलवे ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की योजना पर काम शुरू कर दिया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सिंहस्थ के दौरान उज्जैन और इंदौर तक देशभर से 300 से ज्यादा ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

गौरतलब है कि शुक्रवार को केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने उज्जैन का दौरा कर सिंहस्थ को लेकर बनाई जा रही रेलवे की योजनाओं की समीक्षा की थी। इस दौरान पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्वनी कुमार ने सिंहस्थ 2028 से जुड़ी तैयारियों का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी।

महू में बनेगा अत्याधुनिक मेंटेनेंस सेंटरसिंहस्थ की तैयारियों के तहत रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए महू में कवर्ड शेड और दो नई पिटलाइन बनाने का निर्णय लिया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और इसका निर्माण कार्य इसी वर्ष शुरू किया जाएगा। महू में रेलवे के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के कारण इस स्थान को मेंटेनेंस सेंटर के लिए अंतिम रूप दिया गया है। यहां अत्याधुनिक मशीनरी और हाईटेक सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले इंदौर, महू और उज्जैन को विशेष लाभ मिलेगा।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफनया मेंटेनेंस सेंटर बनने के बाद इंदौर और महू दोनों स्थानों पर वंदे भारत ट्रेनों की देखरेख संभव हो सकेगी। इंदौर से उज्जैन होते हुए पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की लंबे समय से मांग की जा रही है। कवर्ड शेड और पिटलाइन के तैयार होने के बाद इंदौर-उज्जैन मार्ग पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी, जिससे सिंहस्थ 2028 के दौरान नई ट्रेनों का संचालन आसान होगा।

सात प्रमुख स्टेशनों का हो रहा विकाससिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए रेलवे उज्जैन क्षेत्र के सात प्रमुख स्टेशनों उज्जैन, विक्रम नगर, चिंतामन गणेश, पिंगलेश्वर, नईखेड़ी, ताजपुर और पवासा का विकास कर रहा है। इनमें पवासा फ्लैग स्टेशन को हाईवे से जोड़ना, नईखेड़ी स्टेशन पर प्लेटफॉर्म विस्तार, 16 नई रेल लाइनों का निर्माण और सर्वे जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजामभीड़ प्रबंधन के तहत उज्जैन के आसपास पांच से अधिक छोटे स्टेशनों को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। पुरानी और संकरी फुट ओवर ब्रिज को हटाकर नए और चौड़े एफओबी बनाए जा रहे हैं। रतलाम मंडल के सहयोग से मेला क्षेत्र में पटरियों का विस्तार भी किया जा रहा है।

रेलवे की योजना है कि सिंहस्थ के दौरान प्रतिदिन लगभग 32 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएं। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच वंदे भारत मेट्रो चलाने की भी तैयारी है। उज्जैन-आगर-झालावाड़ लाइन सहित अन्य मार्गों पर बिजलीकरण और दोहरीकरण का कार्य तेजी से जारी है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के पीआरओ मुकेश कुमार ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को लेकर उज्जैन सहित आसपास के स्टेशनों के विकास कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई नई ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल

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