महाराष्ट्र में ताडाली-घुगुस रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी, 228 करोड़ रुपये होंगे खर्च

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नई दिल्ली, 16 जुलाई (हि.स.)। भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र के ताडाली-घुगुस रेलखंड (14 किलोमीटर) के दोहरीकरण को 228 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी है। इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली-चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क (एचडीएन) पर मालगाड़ियों के परिचालन में सुधार होगा और इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

रेल मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, यह परियोजना रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वीकृत दोहरीकरण, तिहरीकरण, चौथी लाइन, फ्लाईओवर और बाईपास जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं के तहत मंजूर की गई है।

ताडाली-घुगुस रेलखंड वर्धा-बल्लारशाह रेलमार्ग का हिस्सा है, जो दिल्ली-चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण खंड है। वर्तमान में यह एकल रेललाइन है। इसके दोहरीकरण से ट्रेनों का संचालन अधिक सुगम होगा और बढ़ती माल परिवहन मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

रेल मंत्रालय के अनुसार, यह रेलखंड मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए उपयोग किया जाता है। इसके माध्यम से कोयला, लौह अयस्क, जिप्सम, पेट्रोलियम उत्पाद (पीओएल), रेत तथा लेटराइट राख सहित विभिन्न आवश्यक वस्तुओं का परिवहन किया जाता है।

परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर प्रतिवर्ष लगभग 45 लाख टन (4.5 एमटीपीए) अतिरिक्त माल यातायात संभालने की क्षमता विकसित होगी। इससे रेलवे की माल परिवहन क्षमता मजबूत होने के साथ क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

रेल मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना भारतीय रेलवे की क्षमता विस्तार, माल ढुलाई दक्षता बढ़ाने और देश के प्रमुख रेल गलियारों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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