देश ने देखी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की झलक, गुवाहाटी–कोलकाता मार्च पर चलेगी
नई दिल्ली, 03 जनवरी (हि.स.)। इस वर्ष की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में हावड़ा और असम में गुवाहाटी के बीच शुरू होने वाली देश की पहली अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शनिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस नयी ट्रेन का निरीक्षण किया और इसकी आधुनिक सुविधाओं की जानकारी मीडिया को दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों इसी माह इस ट्रेन का उद्घाटन किया जाएगा।
रेल मंत्री ने बताया कि 16 कोच वाली इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है और इसकी डिज़ाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है। ट्रेन का निरीक्षण और रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा प्रमाणन हासिल किया जा चुका है। गुवाहाटी और कोलकाता के लिए दो रैक दिये जा रहे हैं और आने वाले कुछ ही दिनों में इसका उद्घाटन किया जाएगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह नई डिज़ाइन के साथ तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि 1970 के दशक में राजधानी एक्सप्रेस के बाद यह ओवरनाइट यात्रा के लिए रेल यात्रियों के अनुभव में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। ट्रेन के कोच डिज़ाइन, प्रोपल्शन सिस्टम और ड्राइवर के केबिन को नए सिरे से एर्गोनॉमिक तरीके से विकसित किया गया है। कोचों के बीच नए सेमी-ऑटोमैटिक कपलर लगाए गए हैं, जिससे यात्रा के दौरान झटके नहीं लगेंगे।
रेल मंत्री ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में हर जगह ब्रेल लिपि का इस्तेमाल किया गया है, यहां तक कि सीट नंबर भी ब्रेल में दिए गए हैं। ऊपर की बर्थ पर चढ़ने के लिए एर्गोनॉमिक सीढ़ियां और पकड़ के लिए सपोर्ट दिया गया है। वैष्णव स्वयं सीढ़ियों पर चढ़कर ऊपर की बर्थ पर बैठे और इसे यात्रियों के लिए सुविधाजनक बताया। ट्रेन में यात्रियों के चाय-नाश्ता आदि के सामान के लिए लगाई गई ट्रे को होल्ड करने के लिए विशेष फीचर्स, रीडिंग लाइट, हैंगर, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, मोबाइल होल्डर, मैगज़ीन होल्डर जैसी सुविधाएं दी गई हैं। खिड़कियों के शेड इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं कि यात्री अपनी जरूरत के अनुसार रोशनी और धूप को नियंत्रित कर सकें।
ट्रेन में आधुनिक डिसइन्फेक्टेंट तकनीक लगाई गई है, जिससे हवा में मौजूद 99.99 प्रतिशत वायरस और बैक्टीरिया नष्ट हो जाएंगे। यह सुविधा वंदे भारत चेयरकार ट्रेनों में भी उपलब्ध है।
सुरक्षा के लिहाज से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’, उन्नत इलैक्ट्रिक ब्रेकिंग सिस्टम, आग से सुरक्षा के उपकरण और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम लगाए गए हैं। बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करने वाली तकनीक से लंबी दूरी की यात्रा को और आरामदायक बनाया गया है। ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के साथ शॉवर की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे लंबी दूरी की यात्रा में यात्रियों को अधिक आराम मिल सके।
रेल मंत्री ने कहा कि इस ट्रेन में खाने की गुणवत्ता, बेडशीट और कंबल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप रेलने को आम लोगों, खासकर मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों के लिए सुलभ और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से इसका किराया भी उचित रखा गया है। उन्होंने बताया कि ट्रेन दोनों दिशाओं में शाम को चल कर अगले दिन एकदम सुबह गंतव्य स्थान पर पहुंच जाएगी।, जिससे यात्रियों को ओवरनाइट यात्रा का विश्वस्तरीय अनुभव मिलेगा।
इससे पहले रेल मंत्री ने गुरुवार को इस ट्रेन के मार्ग की घाेषणा करते हुए कहा था कि इस 16 कोच वाली ट्रेन में 11 कोच एसी-3 के, 4 कोच एसी-2 और एक कोच एसी-1 के होंगे। ट्रेन में कुल 823 यात्रियों की क्षमता होगी। एक एसी-3 कोच में 67 या 55, एक एसी-2 में 48 या 44 और एसी-1 में 24 यात्री सवार हो सकेंगे। दोनों छोरों पर ड्राइवर कैब वाले कोचों में एसी-3 की डिजाइन में 28-28 बर्थ हैं।
उन्होंने कहा कि गुवाहाटी से चलने वाली गाड़ी में असमिया भोजन और कोलकाता (हावड़ा) से चलने वाली गाड़ी में बंगाली खाना परोसा जाएगा। खाने के लिए नये स्थानीय वेंडरों को अनुबंधित किया जाएगा। इस गाड़ी में कंबल, चादर तकिये आदि की तकनीक आधारित धुलाई एवं सफाई की विशिष्ट व्यस्था की गई है।
रेल मंत्री के अनुसार कोलकाता और गुवाहाटी के बीच एसी-3 का किराया करीब 2300 रुपये (भोजन सहित), एसी-2 का किराया लगभग 3000 रुपये और एसी-1 का किराया 3600 रुपये होगा। वंदे भारत स्लीपर का किराया स्थिर रहेगा। रेल मंत्री ने जानकारी दी कि किराया तय करने का नया फार्मूला तय किया गया है। एसी-3 में प्रति किलोमीटर 2.40 रुपये, एसी2 में 3.10 रुपये और एसी-1 में 3.80 रुपये का किराया होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

