महिला आरक्षण के नाम पर सत्ता कब्जाने की कोशिश: राहुल गांधी
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार के प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन पर कहा कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करती है, लेकिन सरकार का मौजूदा प्रस्ताव इससे जुड़ा नहीं है और यह सत्ता पर कब्जा करने की कोशिश है।
संसद के विशेष सत्र से पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जारी वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि संसद 2023 में महिला आरक्षण विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कर चुकी है, जो अब संविधान का हिस्सा है। ऐसे में सरकार को नया प्रस्ताव लाने के बजाय पहले से पारित कानून को लागू करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधन का वास्तविक उद्देश्य परिसीमन और चुनावी क्षेत्रों में हेरफेर (जेरीमेंडरिंग) के जरिए राजनीतिक लाभ हासिल करना है। यह प्रक्रिया निष्पक्ष प्रतिनिधित्व के सिद्धांत को कमजोर कर सकती है।
उन्होंने कहा कि जाति जनगणना के आंकड़ों को नजरअंदाज कर ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के हिस्से में कटौती की कोशिश की जा रही है। इन वर्गों का अधिकार छीने जाने नहीं दिया जाएगा। साथ ही दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और छोटे राज्यों के हितों की रक्षा की भी बात कही।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस पर आरोप लगाया कि वे जाति जनगणना से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार महिला आरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करना चाहिए।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी दलों की बैठक हुई, जिसमें प्रस्तावित संशोधन के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद खड़गे ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसके साथ जोड़े जा रहे परिसीमन प्रावधानों का विरोध करेगा।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर लगभग 850 करने की योजना बताई जा रही है, ताकि भविष्य में महिला आरक्षण लागू किया जा सके। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए सीटों में वृद्धि का प्रावधान शामिल हो सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

