राहुल गांधी चंडीगढ़ में आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार से मिले

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राहुल गांधी चंडीगढ़ में आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार से मिले


राहुल गांधी चंडीगढ़ में आईपीएस वाई पूरन कुमार के परिवार से मिले


- हरियाणा सरकार को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का संदेश दिया

चंडीगढ़, 14 अक्टूबर (हि.स.)। लोकसभा में

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे और आत्महत्या करने वाले हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई

पूरन कुमार के परिजनों से मिले। पत्नी अमनीत पी कुमार

व उनकी बेटियों के साथ मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने हरियाणा सरकार को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का संदेश दिया।

हरियाणा के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरन कुमार ने बीते 7 अक्टूबर को खुदकुशी कर ली। उनके पास से मिले सुसाइड नोट में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ आईपीएस और पीसीएस अधिकारियों के नाम थे। इन सभी पर पूरन कुमार ने उत्पीड़न और उनके करियर को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए थे। आईपीएस वाई पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम लिखा था, जिसके बाद बीती रात उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे और वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत पी कुमार व उनकी बेटियों से मुलाक़ात की। उनके साथ हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष

भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा, कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद कुमारी सैलजा, वरूण

चौधरी, दीपेंद्र सिंह हुड्‌डा समेत कई नेता मौजूद थे। परिवार से मुलाकात के बाद

राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह एक परिवार का मामला नहीं है। देश के करोड़ों दलित भाई-बहनों

में इस घटना से गलत संदेश जा रहा है कि वे कितने ही उच्च मानसिक

क्षमता वाले,

योग्य

और कामयाब क्यों न हों,

अगर

वे दलित हैं, तो उन्हें दबाया जा सकता है। उन्हें कुचला जा सकता है।

राहुल गांधी ने कहा कि इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सीधा संदेश देते हुए कहा कि सरकार ने बेटियों को जो आश्वासन दिया है, उसे पूरा की कीजिए। उन्होंने कहा कि सरकार अब तमाशा बंद करे। उन्होंने कहा कि परिवार पर जो दबाव

है,

उसे

तुरंत हटाया जाए। राहुल ने कहा कि आईपीएस अधिकारी

को मरने के बाद सम्मान मिलना चाहिए। परिवार ने दो-टूक कहा है कि अगर सम्मान नहीं दिया, तो

हम मानेंगे नहीं। परिवार की मांग को पूरी तरह से सही ठहराते हुए राहुल ने कहा कि

यह एक परिवार की नहीं, बल्कि हिंदुस्तान के हर दलित भाई-बहन के सम्मान की बात है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

Livevns.news Desk
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