चुनाव-26: पुडुचेरी में 9.44 लाख मतदाता तय करेंगे सत्ता का समीकरण
पुडुचेरी, 28 मार्च (हि.स.)। केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। बहुमत के लिए 16 सीटों की जरूरत होगी, ऐसे में सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुके हैं।चुनाव आयोग के अनुसार पुडुचेरी में कुल करीब 9.44 लाख मतदाता हैं। इनमें लगभग 4.43 लाख पुरुष, 5 लाख महिला और 139 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। प्रदेश में कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 610 शहरी और 489 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। हर मतदान केंद्र पर औसतन 859 मतदाता हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में 750 से 900 के बीच है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए 30 मॉडल पोलिंग स्टेशन, 60 महिला कर्मियों द्वारा संचालित बूथ और 4 दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) प्रबंधित मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही सभी बूथों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है।पुडुचेरी में पिछला विधानसभा चुनाव 2021 में हुआ था, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को साधारण बहुमत मिला था। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेता एन रंगास्वामी ने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उस चुनाव में राजग को 44.2 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 16 सीटें मिली थीं, जबकि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को 8 सीटें हासिल हुई थीं।पार्टीवार प्रदर्शन में एआईएनआरसी 10 सीटों और 26.2 प्रतिशत वोट शेयर के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) ने 18.8 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 6 सीटें जीतीं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 13.8 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 6 सीटें हासिल कीं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 15.9 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 2 सीटें मिली थीं।पुडुुचेरी में सत्तारूढ़ राजग के घटक दलों में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस, जो मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की पार्टी है, सबसे ज्यादा 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा को 10 सीटें मिली हैं। इसके अलावा गठबंधन के अन्य साथी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और लक्ष्य जनता नायक काची (एलजेके) को दो-दो सीटें दी गई हैं। यानी कुल 30 सीटों वाली विधानसभा के लिए राजग ने आपसी समझ से पूरा बंटवारा कर लिया है।इस चुनाव में कांग्रेस 16 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है, जबकि द्रमुक 14 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। द्रमुक ने अपने हिस्से की कुछ सीटें सहयोगी दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और विदुथलाई चिरुथैगल काची को भी दी हैं, जिससे गठबंधन को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।इस बार का चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है, वहीं विपक्षी दल सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं। इस बार चुनाव की सबसे चर्चित लड़ाई थट्टनचावड़ी विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिलेगी। यहां पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस सांसद वी. वैथिलिंगम ने अपना नामांकन दाखिल किया है। उनका सीधा मुकाबला वर्तमान मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी से होगा। दो पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्रियों के बीच सीधी टक्कर ने इस सीट को पूरे प्रदेश की सबसे हॉट सीट बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुकाबला पूरे चुनाव के परिणामों को प्रभावित कर सकता है।कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन इस चुनाव में बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद कर रहा है। रणनीतिकारों के अनुसार अनुभवी नेता वैथिलिंगम को सीधे मुख्यमंत्री के खिलाफ उतारना एक बड़ा दांव है। द्रमुक के वरिष्ठ नेता जगतरक्षकन ने कहा है कि गठबंधन पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को कड़ी चुनौती देगा। विपक्ष का लक्ष्य 2021 में खोई सत्ता को वापस हासिल करना है।नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच रहा है। सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। कुल मिलाकर, पुडुचेरी में इस बार का चुनाव कड़ा और रोमांचक होने वाला है, जहां हर सीट का परिणाम सरकार बनाने की दिशा तय करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और गठबंधन की मजबूती अहम भूमिका निभाएगी। महिला मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण उनकी भागीदारी भी परिणामों को प्रभावित कर सकती है।कुल मिलाकर 9 अप्रैल को होने वाला मतदान पुडुचेरी की राजनीति की दिशा तय करेगा। राजनीति के जानकारों का मानना है कि छोटे राज्य होने के बावजूद यहां के चुनावी परिणाम राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत देंगे, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि पुडुचेरी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के चुनाव परिणाम भी 4 मई को ही घोषित किए जाएंगे।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह

