पुडुचेरी विस चुनाव : प्रचार अभियान थमा, 9 अप्रैल को मतदान, मैदान में 294 उम्मीदवार

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पुडुचेरी विस चुनाव : प्रचार अभियान थमा, 9 अप्रैल को मतदान, मैदान में 294 उम्मीदवार


पुडुचेरी, 07 अप्रैल (हि.स.)। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार मंगलवार शाम थम गया। प्रदेश की सभी 30 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।

चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी। सत्तारूढ़ एन.आर. कांग्रेस–भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस–द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) गठबंधन भी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरा है। इसके अलावा अभिनेता से नेता बने विजय की टीवीके पार्टी और सीमान की नाम तमिलर पार्टी के मैदान में उतरने से मुकाबला चार-कोणीय हो गया है।

इस चुनाव में कुल 294 उम्मीदवार मैदान में हैं और लगभग 9.48 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भाजपा, एन.आर. कांग्रेस, एआईएडीएमके और अन्य दल शामिल हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन में द्रमुक, कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल शामिल हैं।

प्रचार के दौरान कई बड़े नेताओं ने रैलियां और रोड शो किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया, पीयूष गोयल और एआईएडीएमके नेता एडप्पाडी के पलानीसामी सहित कई नेताओं ने राजग उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया।

वहीं विपक्ष की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन सहित कई नेताओं ने प्रचार अभियान को धार दी।

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार समाप्त करना अनिवार्य होता है, जिसके चलते 7 अप्रैल को शाम 5 बजे के बाद प्रचार पूरी तरह बंद हो गया। अंतिम दिन उम्मीदवारों ने घर-घर संपर्क के बजाय रैलियों और जुलूसों के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया। पूरे प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 16 से 23 मार्च तक चली और 26 मार्च को अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी की गई। अब चुनावी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जहां उम्मीदवारों ने जीत के लिए पूरी ताकत लगाई, वहीं मतदाता भी शांत लेकिन उत्साहित नजर आ रहे हैं, जिससे लोकतंत्र का यह महापर्व और अधिक रोचक बन गया है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / Dr. Vara Prasada Rao PV

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