परिसीमन के जरिए राजनीतिक हित साध रही सरकारः प्रियंका
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (हि.स.)। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष को धर्मसंकट में डालकर मनमानी करना चाहती है। उन्होेंने कहा कि महिला आरक्षण की बात कह कर सरकार परिसीमन के माध्यम से चुनावी हित साधना चाहती है।
प्रियंका वाड्रा ने गुरुवार को लोकसभा में परिसीमन और उसके माध्यम से देश में महिला आरक्षण लागू किए जाने से जुड़े संविधान संशोधन एवं दो अन्य विधेयकों पर जारी चर्चा में भाग लिया। उन्होंने कहा कि सरकार देश को गुमराह कर रही है और कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के इस प्रयास का डटकर विरोध करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना चाहती है ताकि वह जातिगत जनगणना के आंकड़ों के आधार पर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने से बच सके। उन्होंने कहा कि सरकार लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत का इजाफा कर रही है लेकिन इससे जुड़े अधिनियम में यह कैसे किया जाएगा, इसके बारे में साफ नहीं है। सरकार केवल खोखले आश्वासन दे रही है।
प्रियंका गांधी ने कहा कि विधेयक में संसद का 50 प्रतिशत विस्तार प्रस्तावित है लेकिन इसके लिए किसी ठोस प्रक्रिया के बारे में कुछ नहीं लिखा गया है। इतने बड़े परिवर्तन में क्या नियम होंगे, कैसे किया जाएगा, इस बारे में विधेयक में कोई जिक्र नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि संसद में देश के हर राज्य की भागीदारी 1971 में निश्चित तौर पर तय की गई और इस पर बदलाव लाने पर रोक लगाई गई थी, लेकिन इस विधेयक के जरिए यह सब बदलने जा रहा है। प्रधानमंत्री और उनके अन्य मंत्री के खोखले वादों के बावजूद यह निश्चित है कि संसद में प्रदेशों के वजन में बदलाव किया जाएगा।
प्रियंका ने कहा कि असम में सरकार ने विपक्षी नेताओं के क्षेत्रों को काटा और अपने राजनीतिक फायदे के लिए मनचाहे तरीके से नई सीमाएं तय कीं। यही काम अब पूरे देश में करने की तैयारी की जा रही है। परिसीमन आयोग में सरकार की ओर से चुने गए तीन लोग पूरे देश के राज्यों के वजूद, उनकी भागीदारी तय करेंगे।
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र को खत्म करने की शुरुआत सरकार ने संस्थाओं को कब्जाने से शुरू की थी लेकिन अब लोकतंत्र पर खुला वार होने जा रहा है।”
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हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा

