राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने डॉ अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि

WhatsApp Channel Join Now
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति समेत कई नेताओं ने डॉ अंबेडकर को दी श्रद्धांजलि


नई दिल्ली, 14 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेताओं ने भारतीय संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष रहेबाबासाहब डॉ. भीमराव अंंबेडकर की 136वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रपति मुर्मु ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि बाबासाहब अंबेडकर विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, प्रखर चिंतक, न्यायविद और समतामूलक समाज व्यवस्था के सशक्त प्रवक्ता थे। उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया और उनके हित में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने न केवल असमानताओं को दूर करने का मार्ग दिखाया, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को सुदृढ़ करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई। बाबासाहब ने महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों को प्राथमिकता दी। उनका बहुआयामी योगदान भावी पीढ़ियों को देश की सेवा और विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन में बाबासाहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बाबासाहेब का संपूर्ण जीवन सदैव राह दिखाता रहेगा।

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर ने हर वर्ग को समान अधिकार और अवसरों की स्वतंत्रता देने वाला संविधान देकर हमारे लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। उन्होंने देश की अखंडता के लिए अनुच्छेद 370 का मजबूती से विरोध किया। समाज को शिक्षित बनने और संगठित रहने का मंत्र देने वाले बाबासाहेब का जीवन यह सिखाता है कि जब संकल्प देशसेवा और लोगों के कल्याण का हो, तब हर बाधा छोटी हो जाती है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में लिखा, भारतीय संविधान के शिल्पकार, बहुजन नायक, महान समाज सुधारक तथा क्रांतिकारी महामानव डॉ. अंबेडकर की जयंती पर उन्हें नमन।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बाबासाहेब ने आजीवन समाज में समता और समरसता बढ़ाने के लिए कार्य किया। उनका पूरा जीवन वंचित वर्ग के लोगों को समान अधिकार दिलाने के लिए समर्पित था। बाबासाहब एक महान विचारक और देश की अनेक संस्थाओं के निर्माता भी थे। विपरीत परिस्थितियों में भी बाबासाहब ने असाधारण उपलब्धियां हासिल कीं और राष्ट्र निर्माण में अमिट योगदान दिया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बाबासाहेब डॉ. अंबेडकर की जयंती पर कहा कि उस दूरदर्शी को गहरी श्रद्धा से नमन करते हैं जिन्होंने भारत को इसकी नैतिक और संवैधानिक आत्मा दी। बाबासाहेब न केवल भारत के संविधान के निर्माता थे, बल्कि स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के लिए एक अथक योद्धा थे, ये मूल्य भारत के विचार को परिभाषित करते हैं। आज उनके शब्द और चेतावनियां नए सिरे से तात्कालिकता के साथ गूंजती हैं। यह एक ऐसा क्षण है जो साहस और दृढ़ विश्वास की मांग करता है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने हमें सिर्फ संविधान नहीं, न्याय, समानता और सम्मान पर आधारित एक सशक्त भारत का सपना दिया। यह देश बाबासाहेब के विचारों पर बना है। पूरी शक्ति के साथ, आखिरी दम तक इनकी रक्षा के लिए लड़ता रहूंगा। हम सब मिलकर बाबासाहेब के सपनों के भारत को फिर से साकार करेंगे।

डॉ. अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को हुआ था। वे भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार, प्रख्यात विधिवेत्ता और समाज सुधारक थे। उन्होंने वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया।

--------------

हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

Share this story