ओडिशा सरकार के 2 वर्ष पूरे : पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु देंगे ₹47,600 करोड़ की सौगात

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ओडिशा सरकार के 2 वर्ष पूरे : पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु देंगे ₹47,600 करोड़ की सौगात


भुवनेश्वर, 19 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 जून को ओडिशा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी उनके साथ उपस्थित रहेंगी, जो राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। अपने इस दौरे में दोनों शीर्ष नेता मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव का भ्रमण करेंगे और राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11:15 बजे मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव पहुंचेंगे। यहां वे संथाली जाहेरा और हो जाहेरा जैसे पवित्र उपवनों में पूजा-अर्चना करेंगे तथा स्किल सेंटर और पहाड़पुर स्कूल का दौरा करेंगे। यह यात्रा जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास तथा सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के प्रयासों को रेखांकित करेगी।

इसके बाद दोपहर लगभग 1 बजे दोनों नेता मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। “विकास रा धारा, ओडिशा सारा” थीम पर आधारित यह कार्यक्रम ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान ₹47,600 करोड़ से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। प्रधानमंत्री इस अवसर पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इन परियोजनाओं का संबंध ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से है। सरकार के अनुसार, ये परियोजनाएं राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, संपर्क व्यवस्था में सुधार, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 600 मेगावाट क्षमता वाली अपर इंद्रावती पंप्ड स्टोरेज परियोजना, आईबी थर्मल पावर स्टेशन के स्टेज-द्वितीय विस्तार के तहत 660 मेगावाट की दो नई इकाइयां तथा झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल) परियोजना शामिल हैं। इन परियोजनाओं से ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ने, घरेलू कोयले के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा मिलने और औद्योगिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा भुवनेश्वर में 300 टीपीडी क्षमता के ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र, कटक और भुवनेश्वर को सीधे जोड़ने वाले काठजोड़ी नदी पुल, बौध जिले में ढालपुर-हरभंगा सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, नुआपाड़ा से घाटीपाड़ा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-353 के चार लेन विस्तार, कुसुमडीही मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना, रायरंगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और इंडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स जैसी परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी जाएगी।

दौरे के दौरान बौध जिला मुख्यालय अस्पताल की 300 बिस्तरों वाली नई इमारत, राज्य के विभिन्न जिलों में 24 अटल बस स्टैंड तथा नौ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों का उद्घाटन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एनएच-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास, कुसुमी स्मार्ट सिंचाई परियोजना का भूमिगत पाइपलाइन घटक, जखपुरा–जाजपुर केन्दुझर रोड–बैतरणी रोड मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, हिंडोल रोड–मेरामंडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना तथा रायरंगपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और जनजातीय अनुसंधान केंद्र सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी।

यह दौरा ओडिशा के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो

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