राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर, रायपुर और जगदलपुर में कई कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर, रायपुर और जगदलपुर में कई कार्यक्रमों में लेंगी हिस्सा


रायपुर, 21 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वह रायपुर और जगदलपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी।

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण आयोजनों की तैयारियां की जा रही हैं। यह सूचना प्रशासन द्वारा आज बुधवार को जारी किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 अक्टूबर (गुरुवार) को अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के पहले दिन दोपहर 12:45 बजे से पहले रायपुर पहुंच जाएंगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को रायपुर स्थित लोक भवन में दोपहर 12:45 बजे पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये मूल्यवर्ग का स्मारक सिक्का जारी करेंगी। इसके बाद शाम 4 बजे बूढ़ापारा स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व’ एवं ‘युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। निर्धारित कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति लोक भवन में रात्रिविश्राम करेंगी।

राष्ट्रपति अपने दौरे के दूसरे दिन रायपुर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी और आशीर्वाद लेंगी। इसके बाद दोपहर 12:45 बजे बस्तर दशहरा के पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होंगी। राष्ट्रपति की मौजूदगी से इस ऐतिहासिक आयोजन का महत्व और बढ़ने की उम्मीद है।

बस्तर का मुरिया दरबार केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की ऐतिहासिक जन-सुनवाई परंपरा का प्रतीक है। बस्तर दशहरा की प्रमुख रस्मों में शामिल इस दरबार में पहले राजा आम लोगों और आदिवासी प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनते थे। परंपरा के अनुसार, राजा शाही पोशाक छोड़कर साधारण कपड़ों में लोगों के बीच बैठते थे और उनकी शिकायतों के समाधान के लिए निर्देश देते थे। समय के साथ इस परंपरा का स्वरूप बदला है। अब विभिन्न गांवों के मुखिया और पारंपरिक प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेकर क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखते हैं। बस्तर के 80 परगनों के मुखिया, चालकी, मेम्बर और मेम्बरीन की भागीदारी इस आयोजन को विशेष बनाती है।

राष्ट्रपति का यह दौरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्था और सामाजिक आयोजनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रायपुर से लेकर बस्तर तक उनके विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उत्सवों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

Livevns.news Desk
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