राष्ट्रपति मुर्मु का मॉरिटानिया पहुंचने पर किया गया गर्मजोशी से स्वागत

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राष्ट्रपति मुर्मु का मॉरिटानिया पहुंचने पर किया गया गर्मजोशी से स्वागत


नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपनी तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा के दूसरे चरण में बुधवार को मॉरिटानिया पहुंचीं। यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मॉरिटानिया की पहली यात्रा है।

नौआकचोट-ओमटौंसी हवाई अड्डे पर पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का इस्लामिक गणराज्य मॉरिटानिया के राष्ट्रपति मोहम्मद औलद शेख अल ग़ज़ौनी ने गर्मजोशी से औपचारिक स्वागत किया।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुर्मु 13-19 अक्टूबर तक तीन अफ्रीकी देशों अल्जीरिया, मॉरिटानिया और मलावी की राजकीय यात्रा पर हैं। यह किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की तीन अफ्रीकी देशों की पहली यात्रा है। राष्ट्रपति मुर्मु 13-15 अक्टूबर तक अल्जीरिया के दौरे पर थीं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार अपनी यात्रा के दूसरे चरण में राष्ट्रपति मुर्मु 16 अक्टूबर को मॉरिटानिया पहुंचीं। यह यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रही है जब मॉरिटानिया अफ्रीकी संघ की अध्यक्षता संभाल रहा है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु मॉरिटानिया के राष्ट्रपति मोहम्मद औलद शेख अल ग़ज़ौनी से बातचीत करेंगी। मॉरिटानिया के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के राष्ट्रपति मुर्मु से मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगी। यह यात्रा भारत-मॉरिटानिया द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देगी।

मंत्रालय ने बताया कि मॉरिटानिया से, मलावी के राष्ट्रपति डॉ. लाजरस मैकार्थी चकवेरा के निमंत्रण पर, राष्ट्रपति मुर्मु 17-19 अक्टूबर तक मलावी का दौरा करेंगी। यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मु मलावी के नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगी; प्रमुख व्यापार और उद्योग जगत के नेताओं और भारतीय प्रवासियों से बातचीत करेंगी और सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थानों का दौरा करेंगी। यह यात्रा मलावी के साथ हमारे मौजूदा मैत्रीपूर्ण और सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी।

राष्ट्रपति मुर्मु की अल्जीरिया, मॉरिटानिया और मलावी की राजकीय यात्रा, अफ्रीका के देशों के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने की भारत की गहरी इच्छा को दर्शाती है। यह यात्रा भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी 20 का स्थायी सदस्य बनाए जाने के एक साल बाद हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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