मानसून सत्र के लिए सरकार की रणनीति तैयार, राजग संसदीय दल की बैठक को मिला नाम- 'मंगल मिलन'

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नई दिल्ली ,17 जुलाई (हि.स.)। सरकार ने संसद के मानसून सत्र के शुरुआत में ही आयकर संशोधन विधेयक सहित महत्वपूर्ण ​विधेयकों पारित कराने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रि​क गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ एक रणनीति आज तय की।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के मंत्रिसमू​ह की बैठक लोकसभा में सदन के उपनेता एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई।इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजूजु, पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी, महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी समेत कई वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कहा गया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य सत्र के शुरुआती चरण में उन महत्वपूर्ण अध्यादेशों और विधेयकों को संसद से प्राथमिकता से पारित कराना है जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित सुधारों को गति देने के लिये आवश्यक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक मानसून सत्र में सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे पहले आयकर संशोधन विधेयक शामिल है। यह विधेयक कर व्यवस्था में आवश्यक संशोधनों और प्रक्रियागत सुधारों से जुड़ा माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से संबंधित कृत्यों के लिए दंड के प्रावधानों वाला विधेयक भी सरकार के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनों को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।

मानसून सत्र के दौरान सरकार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने संबंधी विधेयक को भी पारित कराने का प्रयास करेगी। न्यायपालिका में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इस विधेयक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा भी कई अन्य महत्वपूर्ण विधेयक सरकार के विधायी एजेंडे का हिस्सा होंगे, जिन पर चरणबद्ध तरीके से चर्चा और पारित कराने की तैयारी की गई है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार के रणनीतिकारों को विश्वास है कि संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में आवश्यक समर्थन उपलब्ध है। उनका आकलन है कि यदि किसी विधेयक को पारित कराने के लिए विशेष बहुमत अथवा दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता भी पड़ती है, तब भी सरकार आवश्यक संख्या जुटाने की स्थिति में है। यही कारण है कि सरकार इस बार विधायी एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाने के पक्ष में दिखाई दे रही है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों के साथ भी लगातार संवाद बनाए हुए है। इसी क्रम में ऐसी भी अटकलें हैं कि सरकार द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के भी कुछ सांसदों से संपर्क में है। हालांकि इस संबंध में सरकार या द्रमुक की ओर से कोई टिप्पणी या प्रति​क्रिया नहीं आई है।

उधर, एक अन्य राजनीतिक सांगठनिक निर्णय में संसद के सत्र के दौरान प्रत्येक मंगलवार को होने वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सांसदों की बैठक को मंगल मिलन का नाम दिया गया है। 2024 के पहले यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के सांसदों की बैठक होती थी लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राजग के सांसदों की बैठक आयोजित की जाने लगी। सूत्रों के अनुसार इस बैठक का नाम मंगल मिलन रखा गया है। माना जा रहा है कि नाम परिवर्तन का उद्देश्य सांसदों के बीच बेहतर समन्वय, संवाद और संगठनात्मक जुड़ाव को नई पहचान देना है। इन बैठकों में संसद की कार्यवाही, गठबंधन की विधायी रणनीति, विपक्ष के मुद्दों का जवाब और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा होती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया

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