एसआईआर विवाद के बीच आज रात राष्ट्रपति से मिलेगा विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल

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नई दिल्ली, 09 अक्टूबर (हि.स.)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन कर रहे विपक्षी इंडी गठबंधन को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने की अनुमति मिल गई है। विपक्षी दलों के 10 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार रात 8 बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा।

राष्ट्रपति से मिलने से पहले विपक्षी सांसद संविधान सदन (पुराने संसद भवन) के केंद्रीय कक्ष में एकत्रित होकर आगे की संयुक्त रणनीति तैयार करेंगे।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को बताया कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहला अनुरोध पत्र 2 अक्टूबर को भेजा था। 5 अक्टूबर को नेताओं के नाम भेजने के बाद शुक्रवार रात 8 बजे का समय तय हुआ। इस दौरान विपक्षी नेता मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी गंभीर आपत्तियां राष्ट्रपति के समक्ष रखेंगे।

विपक्षी गठबंधन ने 6 अक्टूबर को निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाल कर आंदोलन तेज किया था, जहां पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था। इसके अगले दिन सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। वहीं, गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना दिया। गठबंधन ने इस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों में रैलियां आयोजित करने और लोकतंत्र बचाओ मार्च निकालने का निर्णय लिया है।

सड़क पर प्रदर्शन के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच समन्वय के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लगातार दो दिन लंच बैठकों का आयोजन किया। गुरुवार को क्नॉट प्लेस के मोएट्स रेस्टोरेंट में सपा सांसद भी शामिल हुए। शुक्रवार दोपहर तीन बजे संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में सभी सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई।

विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के 20 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर या प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी अनधिकृत प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भारी सुरक्षा तैनाती को सरकार की घबराहट बताया है।

इधर, गुरुवार को एक रेस्टोरेंट के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई नोकझोंक के मामले में पुलिसकर्मियों के साथ कथित अभद्रता को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें राहुल गांधी सहित कुछ नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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