कांग्रेस अपने सांसद बिमोल अकोइजाम को पार्टी से तुरंत निलंबित करेः बांसुरी स्वराज
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज ने रविवार को जेएनयू की 11 छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को कांग्रेस पार्टी से निलंबित करने की मांग की।
बांसुरी स्वराज ने दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, मई 2026 में शिकायतें सामने आने के बावजूद आरोपी सांसद पर कोई भी कार्रवाई न कर कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे महिलाओं का शोषण करने वालों को राजनीतिक संरक्षण प्रदान करते हैं। उन्होंने पूछा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बताएं कि क्या इन 11 छात्राओं की गूंज उन तक नहीं पहुंची है या उन्होंने छात्राओं की गूंज को ओछीपन कॉमेडी करने का बहाना बना लिया है।
उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अकोइजाम को आंतरिक जांच समिति की ओर से दोषी पाए जाने पर नौकरी से बर्खास्त करना कांग्रेस के चाल, चरित्र और चेहरे को बेनकाब करता है। जो व्यक्ति मां भारती को दुर्गा तथा शक्ति के स्वरूप में स्वीकार करने और वंदन करने से कतराता है, शक्ति से लड़ने की बात करता है, वह कैसे 'स्मैश द पैट्रियार्की' का नारा दे सकता है। कांग्रेस के लिए 'स्मैश द पैट्रियार्की केवल राजनीतिक बयानबाजी एक राजनीतिक जुमला है। उनके लिए फेमिनिज्म केवल एक हैशटैग से शुरू होता है और जवाबदेही की दहलीज से पहले आकर समाप्त हो जाता है। हैरानी की बात यह है कि ये आरोप मई में सामने आए थे, लेकिन 9 अक्टूबर से लेकर अब तक कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता चुप्पी साधे हुए हैं।
स्वराज ने कहा कि वह राहुल गांधी से पूछना चाहती हैं कि क्या महिला सम्मान केवल एक नारा है या कांग्रेस पार्टी की नीति का भी हिस्सा है। कांग्रेस पार्टी के भीतर इस मामले में अब तक किसी प्रकार की जांच नहीं बिठाई गई है। न ही संबंधित सांसद को कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और न ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और न ही उन्हें बर्खास्त करने की कोई प्रक्रिया शुरू की गई है।
बांसुरी ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ा रहे हैं, दूसरी ओर राहुल गांधी यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद को मौन संरक्षण दे रहे हैं। यदि राहुल गांधी वास्तव में पितृसत्ता समाप्त करना चाहते हैं, तो छात्राओं के साथ खड़े हों और अकोइजाम के खिलाफ कार्रवाई करें। उन्हें अपनी पार्टी से निलंबित करें।
उल्लेखनीय है कि अकोइजाम के खिलाफ जेएनयू ने यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत एक आंतरिक समिति गठित की थी। मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार समिति ने तमाम सबूतों, गवाहों और पीड़िताओं की गवाही सहित सभी तथ्यों की जांच करने के बाद अकोइजाम को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

