तेलंगानाः बीआरएस नेताओं के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई, पार्टी प्रमुख के आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ी
हैदराबाद, 08 सितंबर (हि.स.)। तेलंगाना विधानसभा के जारी सत्र के दौरान राजनीतिक सरगर्मियों के बीच पुलिस ने मंगलवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू की। कई विपक्षी नेताओं को घर में नजरबंद कर दिया गया या एहतियात के तौर पर हिरासत लिया गया है। वहीं, बीआरएस प्रमुख और विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव के एरावल्ली स्थित फार्म हाउस के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
विधानसभा गेट पर सोमवार को बीआरएस विधायकों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद राजनीतिक तल्खी के बीच यह कार्रवाई हुई है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में पांच मामले दर्ज किए हैं। विधान परिषद सदस्य ताटा मधु और बी. नवीन कुमार रेड्डी पर स्पीकर गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट और बदसलूकी के आरोपों में केटी रामाराव, टी. हरीश राव, जी. जगदीश रेड्डी, पाडी कौशिक रेड्डी, गांगुला कमलाकर, वी. सुनिता लक्ष्मी रेड्डी, पी. सबिता इंद्रा रेड्डी सहित कई अन्य बीआरएस नेताओं पर भी मामले दर्ज किए गए हैं।
इस बीच, सत्तारूढ़ कांग्रेस द्वारा विरोध-प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस ने चंद्रशेखर राव के एरावल्ली आवास के आसपास निगरानी बढ़ा दी। एरावल्ली के एक फंक्शन हॉल में ठहरे बीआरएस कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लेकर हैदराबाद के बेगमपेट पुलिस स्टेशन भेज दिया गया।
हैदराबाद में पूर्व डिप्टी स्पीकर टी. पद्मा राव को उनके मोंडा मार्केट स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया गया। छावनी निर्वाचन क्षेत्र में पुलिस ने पूर्व मार्केट कमेटी अध्यक्ष टी.एन. श्रीनिवास और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जबकि पूर्व बोर्ड सदस्य के. पांडु यादव को भी नजरबंद किया गया। बीआरएस प्रवक्ता एम. क्रिशंक को पुलिस ने उनके घर में जबरन दाखिल होकर हिरासत में ले लिया।
गजवेल में मार्कूक मंडल में प्रस्तावित किसान विरोध-प्रदर्शन से पहले कई बीआरएस नेताओं को गिरफ्तार किया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने निर्वाचन क्षेत्र में भारी बल तैनात किया। मकतल, धर्माराम, करीमनगर, सिद्दीपेट, सिरसिला और भुवनगीर समेत अन्य स्थानों से भी एहतियातन गिरफ्तारियों की खबर मिली है। मकतल के पूर्व विधायक चित्तम राममोहन रेड्डी को नजरबंद कर दिया गया।
पुलिस की यह कार्रवाई बकाया भुगतान को लेकर चलो असेंबली की तैयारी कर रहे आरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों तक भी पहुंच गई, जिसके तहत कई यूनियन नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने विधानसभा पर विरोध-प्रदर्शन की योजना बना रहे 'रेवेन्यू लाइसेंस सर्वेयर्स एसोसिएशन' के नेताओं और कई पूर्व सरपंचों को भी हिरासत में लिया। विधानसभा की कार्यवाही से पहले इन व्यापक धरपकड़ और पुलिस की तैनाती ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj

