पीएम आवास योजना-शहरी के तहत 1.25 करोड़ घर मंजूर, एक करोड़ पूरे
नई दिल्ली, 09 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत केंद्र सरकार ने अब तक 1.25 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी है, जिनमें एक करोड़ से अधिक घर बनकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। सरकार ने शहरी गरीब परिवारों को किफायती और पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए योजना के दूसरे चरण पीएमएवाई-यू 2.0 के क्रियान्वयन में भी तेजी लाई है।
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, 06 अगस्त को यहां संकल्प भवन में सचिव सतेंद्र सिंह की अध्यक्षता में पीएमएवाई-यू 2.0 की केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की आठवीं बैठक हुई। इसमें विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 2.09 लाख से अधिक आवासों को मंजूरी दी गई। ये आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवारों के लिए आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में मंजूर किए गए।
मंजूर किए गए 2.09 लाख आवासों में करीब 1.42 लाख लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) के तहत हैं। इसमें लाभार्थियों को अपनी जमीन पर पक्का मकान बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं, 67,045 आवास किफायती आवास साझेदारी (एएचपी) के तहत हैं, जिनका निर्माण राज्यों के साथ सार्वजनिक या निजी एजेंसियों की साझेदारी में किया जाता है।
नई मंजूरियों के बाद पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत कुल स्वीकृत आवासों की संख्या 18.38 लाख से अधिक हो गई है। इनमें 14.40 लाख बीएलसी, 2.48 लाख एएचपी, 1.36 लाख ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) और 13,046 किफायती किराये के आवास (एआरएच) के तहत हैं।
बैठक में योजना की प्रगति, स्वीकृत मकानों के निर्माण और पूर्णता, जियो-टैगिंग, धन के उपयोग, लाभार्थियों के सत्यापन और मकानों की स्थिति की समीक्षा की गई। सचिव ने राज्यों को निर्माण में तेजी लाने, समय पर धन जारी करने और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्रालय के मुताबिक, आठवीं सीएसएमसी बैठक में स्वीकृत 2.09 लाख आवासों में से 2.03 लाख महिलाओं को आवंटित किए गए हैं। इनमें 16,662 आवास वरिष्ठ नागरिकों, 21,954 अनुसूचित जाति, 14,252 अनुसूचित जनजाति और 75,511 अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के लिए हैं।
पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत मंजूर 1.25 करोड़ आवासों में एक करोड़ आवास महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

