पीएम स्वनिधि योजना से 76.95 लाख रेहड़ी वालों को मिला 18,475 करोड़ का सस्ता लोन
नई दिल्ली, 27 जुलाई (हि.स.)। केंद्र सरकार ने देश के 76.95 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को उनका खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए पिछले 6 वर्षों में प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत 18,475.06 करोड़ रुपये कर्ज दिया है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने सोमवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि योजना की दूसरी और तीसरी किश्त का लाभ क्रमशः 29,71,195 और 8,49,471 रेहड़ी-पटरी वालों ने लिया है। ‘स्वनिधि से समृद्धि’ घटक 4 जनवरी 2021 को शुरू किया गया था, जिसके तहत लाभार्थियों और उनके परिवारों को आठ केंद्रीय कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया है। 12 जुलाई 2026 तक 50.63 लाख लाभार्थियों और उनके 1.06 करोड़ परिवारजनों का सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलिंग पूरा किया गया है और कुल 1.56 करोड़ योजनाओं की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने बताया कि भारतीय प्रबंधन संस्थान हैदराबाद ने 2023 और 2025 में योजना के प्रभाव का अध्ययन किया, जिसमें 2023 के अध्ययन में पाया गया कि 95 प्रतिशत लाभार्थियों के लिए यह पहला बैंक ऋण था और उन्होंने इसे व्यवसाय विस्तार में लगाया। वर्ष 2025 के अध्ययन में सामने आया कि 2023 से 2025 के बीच लाभार्थियों की औसत वार्षिक आय में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अध्ययन में यह भी पाया गया कि इस अवधि में डिजिटल भुगतान का उपयोग रेहड़ी-पटरी वालों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।
उल्लेखनीय है कि पीएम स्वनिधि योजना एक जून 2020 को शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों को औपचारिक ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को सशक्त बनाना और परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। योजना के तहत कार्यशील पूंजी ऋण तीन किश्तों में दिया जाता है। 15 हजार रुपये, 25 हजार रुपये और 50 हजार रुपये जिन्हें क्रमशः 12 माह, 18 माह और 36 माह में मासिक किस्तों के जरिए चुकाना होता है।
------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

