पीएम-सेतु के तहत पांच आईटीआई क्लस्टर के उन्नयन के लिए 1,194.92 करोड़ मंजूर
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत महाराष्ट्र, ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में पांच औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) क्लस्टर के उन्नयन के लिए 1,194.92 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी गई है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में योजना की छठी राष्ट्रीय संचालन समिति (एनएससी) की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इन मंजूरियों के साथ पीएम-सेतु के तहत स्वीकृत कुल निवेश 3,687 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
योजना के तहत टाटा स्टील फाउंडेशन, बीवीजी इंडिया, बेलराइज इंडस्ट्रीज, ईगल इंफ्रा इंडिया और इंदरदीप इंफ्रा इंडिया पांच आईटीआई क्लस्टर के आधुनिकीकरण में भागीदारी करेंगे। इसका उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में बदलना है।
बैठक में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव निरंजन कुमार सुधांशु, संयुक्त सचिव मानसी सहाय ठाकुर सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी), राज्य सरकारों, केंद्रशासित प्रदेशों, उद्योग भागीदारों और बहुपक्षीय विकास बैंकों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
राष्ट्रीय संचालन समिति ने ओडिशा के कटक आईटीआई क्लस्टर के लिए 240.50 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। इसका उन्नयन टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ साझेदारी में किया जाएगा। इस क्लस्टर में सरकारी आईटीआई कटक को हब बनाया जाएगा, जबकि चौद्वार, पारादीप, जाजपुर और ढेंकनाल स्थित सरकारी आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।
महाराष्ट्र के पुणे आईटीआई क्लस्टर के लिए 241 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका क्रियान्वयन बीवीजी इंडिया लिमिटेड और बीवीजी फाउंडेशन की साझेदारी में होगा। सरकारी आईटीआई औंध, पुणे को हब बनाया जाएगा, जबकि औंध महिला आईटीआई, पिंपरी चिंचवाड़, खेड़ (राजगुरुनगर) और मुलशी के सरकारी आईटीआई को इससे जोड़ा जाएगा।
इसी तरह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर आईटीआई क्लस्टर के आधुनिकीकरण के लिए बेलराइज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ साझेदारी में 238.01 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस क्लस्टर में सरकारी आईटीआई छत्रपति संभाजीनगर हब होगा, जबकि पैठण, खुल्ताबाद, फुलंबरी और गंगापुर के सरकारी आईटीआई स्पोक संस्थानों के रूप में कार्य करेंगे।
जम्मू आईटीआई क्लस्टर के लिए ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी में 240 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें सरकारी आईटीआई जम्मू को हब और आरएस पुरा, नौशेरा, सांबा तथा कठुआ के सरकारी आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में शामिल किया गया है।
श्रीनगर आईटीआई क्लस्टर के उन्नयन के लिए इंदरदीप इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के साथ साझेदारी में 235.41 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस क्लस्टर में सरकारी आईटीआई श्रीनगर हब होगा, जबकि गंदेरबल, कंगन, बडगाम और चरार-ए-शरीफ के सरकारी आईटीआई को स्पोक संस्थानों के रूप में जोड़ा जाएगा।
मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि राष्ट्रीय संचालन समिति की मंजूरियां पीएम-सेतु योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे आईटीआई को मजबूत करने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने और उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने क्लस्टरों को आईएसओ प्रमाणन की दिशा में काम करने तथा स्वीकृत कार्ययोजनाओं में कम से कम एक वर्ल्डस्किल्स के अनुरूप ट्रेड या दक्षता क्षेत्र शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को बेहतर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। जम्मू-कश्मीर में हुई प्रगति को उत्साहजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के युवाओं के लिए कौशल विकास और अवसरों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में प्रशिक्षण के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करना, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाना और उद्योगों के साथ संस्थानों का जुड़ाव मजबूत करना शामिल है। इससे युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में पीएम-सेतु योजना के दूसरे घटक के तहत प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस घटक का उद्देश्य तकनीकी ज्ञान और आधुनिक शिक्षण कौशल से लैस प्रशिक्षकों का मजबूत समूह तैयार करना है। मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (एनएसटीआई) के माध्यम से इस कार्यक्रम के तहत 3,744 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

