सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज देगी ‘पीएम राहत’ योजना: गडकरी

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सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज देगी ‘पीएम राहत’ योजना: गडकरी


नई दिल्ली, 26 फ़रवरी (हि.स.)। सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा गुरुवार को की गई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन जराम गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना की तैयारियों और राज्यों के साथ समन्वय का आकलन किया गया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी को शुरू की गई पीएम राहत (रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना के तहत सड़क दुर्घटना के प्रत्येक पात्र पीड़ित को 07 दिन तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

मंत्रालय ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। अध्ययन बताते हैं कि यदि पीड़ित को पहले एक घंटे यानी गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाया जाए तो करीब 50 प्रतिशत मौतें रोकी जा सकती हैं।

योजना के तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम 112 हेल्पलाइन को जोड़ा गया है। दुर्घटना स्थल पर मौजूद व्यक्ति, राहवीर या पीड़ित 112 पर कॉल कर नजदीकी अस्पताल और एंबुलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

मंत्रालय के अनुसार, गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे और गंभीर मामलों में 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस द्वारा डिजिटल प्रणाली पर निर्धारित समय में पुष्टि करना जरूरी होगा।

योजना को तकनीक आधारित प्रणाली के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसमें दुर्घटना रिपोर्टिंग, अस्पताल में भर्ती, पुलिस सत्यापन, इलाज, दावा और भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से जुड़ी होगी।

अस्पतालों को भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष से किया जाएगा। बीमित वाहन के मामलों में बीमा कंपनियों के योगदान से भुगतान होगा। जबकि हिट एंड रन और बिना बीमा वाले मामलों में भुगतान केंद्र सरकार करेगी। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा स्वीकृत दावों का भुगतान 10 दिन के भीतर किया जाएगा।

मंत्रालय ने बताया कि शिकायतों के निवारण के लिए जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति के तहत एक शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के परिवहन और स्वास्थ्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और अन्य संबंधित पक्ष शामिल हुए।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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